जब किडनी किसी वजह से अपने फिल्टर करने की झमता को कम कर देता है तो यूरिया यूरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है जो हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है। यूरिक एसिड जब ज्यादा बढ़ जाता है तो वह गाउट का रूप ले लेता है जिसके कारण जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या होने लगती है। यूरिक एसिड की समस्या खराब खान-पान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण होता है। यही कारण है कि 25 से 40 साल के लोगों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में आपको अपनी लाइफस्टाइल का खास ध्यान रखने की जरूरत है। अगर आपको अपने शरीर में ये लक्षण दिखें तो जल्द कराएं यूरिक एसिड की जांच-

क्या है यूरिक एसिड के लक्षण:
शुरुआत में आप यूरिक एसिड के बढ़ने का पता नहीं लग पाता है। कई लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं होती है कि यूरिक एसिड के बढ़ने को कैसे पहचानें। हालांकि कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन्हें देखकर आपको पता लग सकता है कि आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है –

– जोड़ों में दर्द होना और चलने, उठने और बैठने में परेशानी होना
– अंगुलियों में दर्द और सूजन महसूस होना
– जोड़ों में गाठ की समस्या होना
– इसके अलावा यूरिक एसिड बढ़ने पर पैरों और हाथों की अंगुलियों में चुभन वाला दर्द होता है जो कई बार असहनीय हो जाता है। इसमें आदमी ज्यादा जल्दी थक भी जाता है। इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। कभी भी इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या है यूरिक एसिड का मुख्य कारण:
– अस्वस्थ खान-पान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल में बदलाव यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है।
डायबिटीज के मरीजों को यूरिक एसिड की समस्या होती है क्योंकि डायबिटीज की दवाओं से यूरिक एसिड बढ़ता है।
– प्यूरिन वाले फूड्स जैसे रेड मीट, सी फूड, राजमा, दाल, भिंडी और अरबी को खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ता है।
– व्रत करने वाले लोगों में अस्थायी रूप से यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
– जबरदस्ती एक्सरसाइज करने या फिर वजन कम करने के चक्कर में भी कई बार यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है।