Surya namaskar ke fayde: सूर्य नमस्कार योग का एक बेहद प्राचीन और प्रभावशाली अभ्यास है, जिसे शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव, मोटापा और शारीरिक थकान से जूझ रहे हैं। ऐसे में सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग अभ्यास है, जो कम समय में पूरे शरीर को सक्रिय कर देता है। हाल ही में आयुष मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं को साझा करते हुए इसकी महत्ता को समझाया है। मंत्रालय के अनुसार, सूर्य नमस्कार की ये 12 मुद्राएं शरीर की लगभग हर मांसपेशी को सक्रिय करती हैं और स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं।

सूर्य नमस्कार क्यों है इतना खास

सूर्य नमस्कार केवल एक योगासन नहीं, बल्कि कई योग मुद्राओं का सुंदर संयोजन है। इसमें शरीर को झुकाने, मोड़ने और फैलाने की क्रियाएं शामिल होती हैं, जो शरीर में लचीलापन लाती हैं। यह अभ्यास वजन घटाने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और शरीर को ऊर्जावान बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही सही श्वास प्रक्रिया के साथ सूर्य नमस्कार करने से मानसिक शांति भी मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है।

सूर्य नमस्कार से पहले श्वास का ज्ञान क्यों जरूरी?

सूर्य नमस्कार का सही लाभ पाने के लिए श्वास-प्रश्वास का सही ज्ञान होना बहुत जरूरी है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, सूर्य नमस्कार की शुरुआत नमस्कार मुद्रा से करनी चाहिए, जिसमें हथेलियों को जोड़कर छाती के सामने रखा जाता है। यह मुद्रा मन को शांत करती है और ध्यान को केंद्रित करने में मदद करती है। सही श्वास के साथ यह मुद्रा शरीर और मन दोनों को योग अभ्यास के लिए तैयार करती है।

पीछे झुकने और श्वास लेने का महत्व

जब सूर्य नमस्कार के दौरान शरीर को पीछे की ओर झुकाया जाता है, तो रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है। इस मुद्रा में श्वास लेना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे फेफड़े पूरी तरह खुलते हैं और शरीर में ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है। यह प्रक्रिया शरीर को ऊर्जा से भर देती है और थकान को कम करती है। नियमित अभ्यास से सांस से जुड़ी समस्याओं में भी सुधार देखा जा सकता है।

आगे झुकने से कैसे मिलता है लाभ

सूर्य नमस्कार की अगली मुद्राओं में सिर को नीचे की ओर झुकाया जाता है। इससे सिर में रक्त संचार बेहतर होता है, जो सिरदर्द और तनाव को कम करने में मदद करता है। जब शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है, तो कमर, पीठ और कंधों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। यह मुद्रा पीठ दर्द, कंधों की जकड़न और मांसपेशियों के खिंचाव को दूर करने में सहायक होती है। सही तरीके से सांस छोड़ते और लेते हुए इन मुद्राओं का अभ्यास करने से शरीर को आराम भी मिलता है और ताकत भी बढ़ती है।

पूरे शरीर को सक्रिय करता है सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरे शरीर को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे-जैसे आप 12 मुद्राओं को करते हैं, छाती, पेट, हाथ, पैर और पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती जाती हैं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर के हर अंग तक पोषण पहुंचता है। मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। यही कारण है कि सूर्य नमस्कार उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, जो कम समय में पूरे शरीर की एक्सरसाइज करना चाहते हैं।

लचीलापन और संतुलन बढ़ाने में सहायक

सूर्य नमस्कार की मुद्राओं में शरीर को मोड़ने, झुकाने और फैलाने की कई क्रियाएं शामिल होती हैं। ये सभी क्रियाएं शरीर में लचीलापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। लचीलापन बढ़ने से चोट लगने का खतरा कम होता है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इसके साथ ही नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन और सहनशक्ति भी बेहतर होती है।

12 मुद्राओं का अलग-अलग महत्व

आयुष मंत्रालय के पोस्ट के अनुसार, सूर्य नमस्कार की हर मुद्रा का अपना एक अलग लाभ है। शुरुआत की नमस्कार मुद्रा ध्यान केंद्रित करती है। पीछे झुकने वाली मुद्रा रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाती है। सिर नीचे झुकाने से तनाव कम होता है, जबकि आगे झुकने से मांसपेशियों को अच्छा खिंचाव मिलता है। इन सभी मुद्राओं का संयोजन पूरे शरीर को संपूर्ण व्यायाम देता है और मानसिक थकान को भी दूर करता है।

सूर्य नमस्कार के फायदे

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास वजन घटाने में बेहद प्रभावी माना जाता है। यह शरीर की कैलोरी बर्न करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर के अंदरूनी अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं। इसके अलावा सूर्य नमस्कार इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।

निष्कर्ष

सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग अभ्यास है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नियमित रूप से सही श्वास के साथ इसका अभ्यास करने से शारीरिक ताकत, मानसिक शांति और संतुलन तीनों प्राप्त किए जा सकते हैं। अगर आप अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा समय निकालकर सूर्य नमस्कार करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए एक वरदान साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

गुहेरी के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। शुरुआत में आंख की पलक पर हल्की लालिमा और सूजन दिखाई देती है। इसके बाद दर्द, जलन, आंखों में भारीपन और कभी-कभी पानी आने की शिकायत हो सकती है। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।