आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों का खान-पान और दिनचर्या काफी बिगड़ चुकी है। बाहर का तला-भुना खाना, समय पर भोजन न करना और तनाव की वजह से पेट की दिक्कतें आम हो गई हैं। गैस बनना, पेट फूलना, अपच और जलन जैसी समस्याओं से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन बार-बार दवा खाना सही नहीं माना जाता है। ऐसे में आप इनसे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों की भी मदद ले सकते हैं। ये उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के लंबे समय तक फायदा पहुंचा सकते हैं। दरअसल, हमारी रसोई में कुछ ऐसे आसान घरेलू नुस्खे मौजूद हैं, जो पेट को लंबे समय तक ठीक रखने में मदद कर सकते हैं।
AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी का कहना है कि असली पाचन सुधार दवाइयों से नहीं, बल्कि सही भोजन से शुरू होता है। उन्होंने ऐसी 8 जड़ी-बूटियों और मसालों के बारे में बताया है, जिन पर वे खुद बेहतर पाचन के लिए भरोसा करते हैं। ये सभी चीजें भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती हैं।
हल्दी
हल्दी को आयुर्वेद में औषधि माना गया है। यह आंतों की सूजन को कम करती है और गट हेल्थ को बेहतर बनाती है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
अदरक
अदरक पेट की सफाई की प्रक्रिया को तेज करता है। यह गैस, सूजन और उल्टी जैसी समस्याओं में फायदेमंद है। खाने के बाद अदरक को गर्म पानी में डालकर पीने से पाचन बेहतर रहता है।
सौंफ
खाने के बाद सौंफ चबाने की परंपरा यूं ही नहीं है। सौंफ आंतों की मांसपेशियों को आराम देती है और फंसी हुई गैस को बाहर निकालने में मदद करती है। आप सौंफ की चाय भी पी सकते हैं।
जीरा
जीरा पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है और पेट की ऐंठन को कम करता है। IBS से परेशान लोगों के लिए भी यह लाभकारी है। सब्जी या दाल में भुना हुआ जीरा डालना फायदेमंद होता है।
दालचीनी
दालचीनी आंतों की गति को संतुलित करती है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करते हैं। इसे ओट्स या कॉफी में मिलाकर लिया जा सकता है।
पुदीना
पुदीना आंतों की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और पेट दर्द में राहत देता है। पुदीना चाय फायदेमंद होती है, लेकिन एसिड रिफ्लक्स वालों को इससे बचना चाहिए।
लहसुन
लहसुन एक नेचुरल प्रीबायोटिक है, जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है। इसे हल्का कुचलकर पकाने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं।
धनिया
धनिया गैस, अपच और सूजन को कम करता है। यह खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन तंत्र को भी आराम देता है।
निष्कर्ष
पाचन तंत्र की सेहत हमारी रोजमर्रा की थाली से जुड़ी है। अगर हम हल्दी, अदरक, सौंफ, जीरा, दालचीनी, पुदीना, लहसुन और धनिया को नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल करें, तो पेट की कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
