21वीं सदी तक तकनीक का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। जहां सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म लोगों को अप टू डेट रखने में मदद करते हैं, वहीं खुद के विचारों को लोगों को सामने रखने के लिए काफी अच्छा माना गया है। इसी वजह से लोगों में सोशल मीडिया क्रेड दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी लोग तकनीकि के बढ़ते प्रभाव को नकार नहीं सकते है। तकनीक के बढ़ते प्रभाव ने लोगो को सोशल मीडिया यानि फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे तमाम सरीखे प्लेटफार्म का आदी बना दिया है। आज बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में इसका क्रेज देखा जा सकता है लेकिन सोशल मीडिया का क्रेज लोगों को बीमार भी बना रहा है। आइए जानते हैं कि क्या इंस्टाग्राम भी लोगों के दिमाग पर बुरा असर डालता है?

एक रिसर्च के मुताबिक इंस्टाग्राम यूजर्स हीनता और हताशा कि भावना पैदा करता है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करने वाले यूजर्स में अवसाद, अकेलापन जैसी बातें घर कर जाती हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बारे में माना जाता है कि ये युवाओं के मेन्टल हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं, लेकिन पहली बार पाया गया है कि ये सोच को नेगेटिव रूप से प्रभावित करते हैं। रिसर्च के अनुसार पता लगा कि इंस्टाग्राम के अलावा फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म 14 से 24 साल की उम्र के युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इंस्टाग्राम का प्रयोग हम अपनी फोटो और वीडियो पोस्ट करने के लिए करते हैं। मगर आजकल अपनी लाइफ के हर लम्हे को इंस्टा पर पोस्ट करने लगे हैं, जो कहीं न कहीं हमारी मेंन्टल हेल्थ को बिगाड़ने के लिए काफी है। उसके कुछ नुकसान इस प्रकार हैं….

बॉडी इमेज पर बुरा प्रभाव: इंस्टाग्राम यूजर्स की बॉडी इमेज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जब कभी हम इंस्टा पर फोटो डालते हैं, अगर हमारी फोटो अच्छी नहीं आती तो हम उसमें फिल्टर ऐड कर देते हैं। जिससे हमारी इमेज परफेक्ट बन जाती है। मगर ये मलाल रह जाता है कि हम अच्छे नहीं दिखते।

कांफिडेंस में कमी: बार-बार अपनी ही फोटो को एडिट करने से कांफिडेंस कम हो जाता है। रिसर्च के मुताबिक 90% से ज्यादा किशोर जो सोशल मीडिया पर लगातार बने रहते हैं वह भावनात्मक परेशानियों से ग्रस्त पाए गए। यही परेशानियां बढ़ कर इनके युवा होने पर गंभीर मानसिक बीमारियों का रूप ले लेती हैं। यह बच्चों के लिए एक क्रेज़ के जैसा है जिसमें वह लगातार सोशल मीडिया से कनेक्ट रहना चाहते हैं।

नकारात्मक प्रभाव: कभी-कभी सोशल मीडिया ऐप का प्रयोग करने से हमारे मन में नकारात्मक विचार आ जाते है। इसलिए सोशल मीडिया का कम से कम प्रयोग करें।