मालिश शरीर को आराम देने का एक पुराना और भरोसेमंद तरीका है। इससे न सिर्फ थकान दूर होती है, बल्कि मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और दिमाग भी शांत होता है। आयुर्वेद में मालिश को अभ्यंग कहा गया है, जिसे सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। मालिश के बाद त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और शरीर तेल को सोखने की स्थिति में होता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि मालिश के कितनी देर बाद नहाना चाहिए, ताकि इसका पूरा फायदा मिल सके। आयुर्वेद के अनुसार, सही समय और तरीका न अपनाने पर मालिश का असर कम भी हो सकता है। तो चलिए आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा से जानते हैं कि मालिश करने के कितनी देर बाद नहाना चाहिए?

मालिश के बाद नहाने का सही समय

आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, मालिश के तुरंत बाद नहाना सही नहीं माना जाता। अगर आप मालिश से अधिकतम लाभ चाहते हैं, तो कम से कम एक घंटे बाद स्नान करना सबसे बेहतर होता है। इस एक घंटे में त्वचा तेल को अच्छे से अवशोषित कर लेती है, जिससे शरीर को पोषण मिलता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है। अगर कोई व्यक्ति मालिश के तुरंत बाद नहा लेता है, तो तेल त्वचा में ठीक से समा नहीं पाता और मालिश का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद के अनुसार, मालिश से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और वात दोष शांत होता है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन आता है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। मालिश के बाद शरीर की नसें और रोमछिद्र खुले रहते हैं, इसलिए इस समय शरीर ज्यादा संवेदनशील होता है। अगर ऐसे में ठंडे पानी से स्नान कर लिया जाए, तो सर्दी-जुकाम, बदन दर्द या अकड़न की समस्या हो सकती है। इसलिए आयुर्वेद में हमेशा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

तेल के अनुसार नहाने का समय

हर तेल को त्वचा में अवशोषित होने में अलग-अलग समय लगता है, इसलिए नहाने का सही समय तेल के प्रकार पर निर्भर करता है। यदि मालिश सरसों या नारियल के तेल से की गई है, तो लगभग 30 मिनट बाद नहाना सही माना जाता है, क्योंकि ये तेल जल्दी अवशोषित हो जाते हैं। वहीं, तिल का तेल आयुर्वेद में अभ्यंग के लिए सबसे प्रभावी माना गया है, लेकिन इसे त्वचा में पूरी तरह समाने में थोड़ा अधिक समय लगता है। इसलिए तिल के तेल से मालिश के बाद लगभग एक घंटे बाद स्नान करना बेहतर रहता है। अगर हर्बल या औषधीय तेल का इस्तेमाल किया गया है, तो इसे पूरी तरह अवशोषित होने में एक घंटे से भी अधिक समय लग सकता है। ऐसे में स्नान का समय तेल के अवशोषण के अनुसार तय करना चाहिए, ताकि मालिश के सभी लाभ त्वचा और शरीर पर असरदार रूप से मिल सकें।

गर्म पानी या ठंडा पानी, किससे नहाएं?

मालिश के बाद कभी भी ठंडे पानी से स्नान नहीं करना चाहिए। ठंडा पानी शरीर की नसों को सिकोड़ देता है, जिससे दर्द और जकड़न बढ़ सकती है। इसके बजाय हल्के गुनगुने पानी से स्नान करना सबसे अच्छा माना जाता है। गुनगुना पानी तेल के असर को बढ़ाता है, मांसपेशियों को आराम देता है और शरीर की थकान को दूर करता है। खासतौर पर जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है।

मालिश के तुरंत बाद नहाने के नुकसान

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ मालिश के तुरंत बाद नहाने से मना करते हैं, क्योंकि इसके कई नुकसान हो सकते हैं। इससे मांसपेशियों में दोबारा थकान महसूस हो सकती है और शरीर में भारीपन आ सकता है। तुरंत नहाने से ठंड लगने और सर्दी-जुकाम का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, त्वचा रूखी हो सकती है और तेल त्वचा में अच्छे से नहीं समा पाता, जिससे मालिश का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

हालांकि कुछ खास परिस्थितियों में मालिश के तुरंत बाद नहाना जरूरी भी हो सकता है। जैसे, अगर गर्मी के मौसम में मालिश के बाद बहुत ज्यादा पसीना आ रहा हो या शरीर में असहजता महसूस हो रही हो, तो ऐसे में 20 मिनट बाद हल्के गुनगुने पानी से स्नान किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा न हो।

निष्कर्ष

मालिश शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसके बाद सही समय और सही तरीके से स्नान किया जाए। आयुर्वेद के अनुसार, मालिश के बाद थोड़ा इंतजार करना, गुनगुने पानी से नहाना और तेल के अनुसार समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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