सुबह उठते ही चेहरे पर सूजन, दिन भर भारीपन महसूस होना या ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ जाना क्या आपने कभी सोचा है कि इन सब परेशानियों की वजह क्या है?  खाने में नमक और चीनी का ज्यादा सेवन आपकी बॉडी पर साइलेंट किलर की तरह काम करता है। किचन में मौजूद नमक हमारे हर खाने का स्वाद बढ़ाता है। खाने में नमक के बिना स्वाद अधूरा है, लेकिन आप जानते हैं कि खाने का स्वाद बढ़ाने वाला नमक बॉडी पर जहर की तरह काम करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हम में से ज्यादातर लोग जरूरत से दोगुना नमक खा रहे हैं। खाने में नमक का सेवन पर्याप्त करना जरूरी है।

आजकल लोगों में ‘लो-सोडियम डाइट’ का चलन काफी बढ़ गया है, लेकिन क्या यह वाकई हर किसी के लिए फायदेमंद है? नमक कम करना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन बहुत ज्यादा कम नमक का सेवन आपके शरीर के मैकेनिज्म को बदल सकता है।

आकाश हेल्थकेयर में सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा के मुताबिक, सोडियम सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला तत्व नहीं है, बल्कि यह शरीर में फ्लूइड बैलेंस, नर्व फंक्शन और मसल्स की गतिविधि के लिए बेहद जरूरी है। लंबे समय तक सोडियम की कमी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बिगाड़ सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि लम्बे समय तक कम नमक खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

लंबे समय तक कम नमक खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

खाने में नमक का सेवन करने से ब्लड वॉल्यूम बनाए रखने में मदद मिलती है। नमक का सीमित सेवन ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। ये नर्व सिग्नल और मसल्स फंक्शन में मदद करता है।  डॉ. सिन्हा बताते हैं कि लंबे समय तक सोडियम का सेवन कम करने से ब्लड प्रेशर जरूरत से ज्यादा गिर सकता है।  नमक का कम सेवन करने से किडनी शरीर के फ्लूइड को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाती। गंभीर मामलों में सोडियम की लगातार कमी से हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है, यानी खून में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो सकता है जिसका असर दिमाग पर पड़ सकता है। कम नमक खाने से भ्रम, कमजोरी, स्टैमिना में कमी, शारीरिक क्षमता घटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या नमक का सेवन बहुत कम करने से थकान और चक्कर आ सकते हैं?

डॉ. सिन्हा ने बताया नमक की मात्रा अचानक और बहुत कम करने से बॉडी में इसके लक्षण साफ दिखाई देते हैं। एक्सपर्ट ने बताया सोडियम नर्व सिग्नल और मसल्स मूवमेंट के लिए जरूरी होता है।  सोडियम के स्तर में अचानक गिरावट से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम हो जाता है और चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना और थकान जैसी परेशानी हो सकती है। नमक का कम सेवन इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बिगाड़ सकता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से मसल्स में ऐंठन, खिंचाव और कमजोरी हो सकती है। किडनी अगर इस बदलाव के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाती, तो थकान और ध्यान की कमी बढ़ सकती है।

किन लोगों के लिए डाइट में कम नमक खतरनाक हो सकता है?

डॉ. सिन्हा बताते हैं कि कुछ लोगों को नमक का सेवन करने को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ लोग जैसे एथलीट्स,ज्यादा पसीना बहाने वाले लोग, बहुत ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोग, किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को नमक का सेवन कम करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए। डाइयुरेटिक्स यानी पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं लेने वाले लोग जरूरत से ज्यादा नमक कम कर दें तो डिहाइड्रेशन,कमजोरी, गिरने का खतरा, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन बढ़ सकता है।

नमक को लेकर डॉक्टर की सलाह

पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से सोडियम कम करें।  घर के बने खाने में सीमित मात्रा में नमक लें।  मौसम, शारीरिक गतिविधि और सेहत के अनुसार जरूरत बदल सकती है। अगर आपको लगातार थकान, चक्कर, मसल्स क्रैम्प जैसे लक्षण दिखें, तो नमक की मात्रा पर दोबारा ध्यान दें।

निष्कर्ष

नमक कम करना दिल की सेहत के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन बहुत कम नमक शरीर की जरूरी प्रक्रियाओं को बिगाड़ सकता है। सही मात्रा में सोडियम लेना ही लंबे समय तक सेहतमंद रहने की कुंजी है।