शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से गठिया या गाउट सबसे आम बीमारी है जिससे लोग दर्द के कारण कराहते रहते हैं। हालांकि आमतौर पर यह बीमारी बुजुर्गों में ज्यादा होती थी लेकिन कम उम्र के लोगों में भी आजकल यह बीमारी बड़े पैमाने पर होने लगी है। इस बीमारी को ऑर्थराइटिस भी कहते हैं। इस बीमारी को कम करने के लिए डाइट में बदलाव करना सबसे जरूरी है।

कई बार कहा जाता है कि चिकन और अंडा यूरिक एसिड को बढ़ा देते हैं, हालांकि डॉक्टरों की राय इस पर अलग है। अक्सर इस बात को लेकर चर्चा होती है कि प्रोटीन के विभिन्न स्रोत गठिया को बढ़ाते हैं या कम करते हैं। 2015 में एक जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर चाइनीज हेल्थ सेंटर के अध्ययन में यह देखा गया कि जिस व्यक्ति को गठिया की बीमारी है, उसपर प्रोटीन के विभिन्न स्रोत का क्या असर होता है।

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि अंडा, बादाम, सीड्स, अनाज से बने प्रोडक्ट का सेवन करने से गठिया के जोखिम के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। यानी अंडा चिकेन आदि जो प्रोटीन के समृद्ध स्रोत है, उसका सेवन करने से गठिया के रोगियों पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। आइए अब हम यह समझते हैं कि क्या गठिया के लक्षण को कम करने के लिए अंडे की जरूरत पड़ती है।

गठिया है क्या: पहले समझिए कि गठिया है क्या? जब जोड़ों में बहुत ज्यादा दर्द होने लगता है तब ऑर्थराइटिस या गठिया के लक्षण हो सकते हैं। आमतौर पर यह यूरिक एसिड बढ़ने के कारण होता है।

यूरिक एसिड क्या हैः जब शरीर में प्यूरिन नाम का रसायन टूटता है तो यह रासायनिक रूप से यूरिक एसिड कहलाता है। प्यूरिन शरीर में विभिन्न क्रियाओं के दौरान बनता है और कुछ खाद्य पदार्थों जैसे लीवर, बीयर, मटर, बींस, एन्कोवी मछली आदि में भी यह पाया जाता है।

यूरिक एसिड कैस गठिया बनाता हैः जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है, तब यह रसायन शरीर में जोड़ों यानी हड्डियों का जहां जोड़ होता है, वहां क्रिस्टल के रूप में जमने लगता है।

तो क्या गठिया में अंडा खाना चहिएः जिन चीजों में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है, उसका सेवन नहीं करना चाहिए जैसे कि रेड मीट, बींस आदि में। लेकिन जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि रिसर्च में इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला कि अंडे खाने से गठिया की बीमारी बढ़ती है, इसलिए अंडा खाने में कोई दिक्कत नहीं है। रिसर्च के मुताबिक जिन चीजों में प्यूरिन की मात्रा बहुत कम हो, उसे खाने से गठिया नहीं बढ़ता।