लिवर से जुड़ी समस्याएं इन दिनों आम हो गई हैं। खासकर फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक में भी फैटी लिवर के ऐसे उपचार हैं, जिनसे इस बीमारी में लाभ मिल सकता है। फैटी लिवर बढ़ने पर एनीमिया, नाक और मुंह से खून आने लगता है और ये पीलिया का रूप भी ले सकता है। तली हुई चीज़ें खाना, एक्सरसाइज न करने और खान पान में बरती जाने वाली असावधानियां ही फैटी लिवर की समस्या पैदा करती हैं। लेकिन अगर आप अपनी डाइट में करी पत्ता शामिल करते हैं तो फैटी लिवर की समस्या को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे-
फैटी लिवर के लिए करी पत्ता कैसे है फायदेमंद:
– करी पत्ता में विटामिन-ए और सी होता है जो लिवर से जुड़ी बीमारियों को कम करता है। इसके अलावा लिवर कमजोर होने पर करी पत्ता फायदेमंद साबित हो सकता है। फैटी लिवर के लिए भी करी पत्ता फायदेमंद होता है।
– करी पत्ता में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो फैटी लिवर की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मौजूद अन्य पोषक तत्व फैटी लिवर से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाने में मदद करता है।
फैटी लिवर के लिए कुछ अन्य डाइट टिप्स:
– कम फैट वाला खाना खाने की कोशिश करें।
– नियमित और संतुलित डाइट ही फॉलो करें।
– अधिक कैलोरी वाला खाना खाने से बचें।
– आलू, चावल और सफेद ब्रेड का इस्तेमाल कम करें।
– चीनी खाना बिल्कुल बंद कर दें और मीठी चीजों से भी दूर रहें।
– धूम्रपान और एल्कोहल के सेवन से बचें।
जानिए फैटी लिवर में किन चीजों को ना खाएं:
– तले हुए भोजन का सेवन लिवर की समस्या को अधिक बढ़ा सकता है। ऐसे भोजन में फैट भरपूर मात्रा में पाई जाती है।
– नमक का उपयोग कम से कम मात्रा में करना चाहिए। इसका सीधा असर फैटी लिवर वाले रोगियों पर देखने को मिलता है।
– चावल में भी अधिक मात्रा में फैट और कैलोरी होता है जो लिवर से जुड़ी समस्या को बढ़ाता है।
– पास्ता में अधिक मात्रा में कार्बोहाईड्रेट होता है जो फैटी एसिड की समस्या को बढ़ाता है।
– रेड मीट में फैट की मात्रा अधिक होती है, जो फैटी लिवर वालों के लिए नुकसानदायक होती है।

