Coronavirus Precautions: कोरोना वायरस को देखते हुए अस्पतालों में बाकी बीमारियों के मरीजों की संख्या कम हो गई है। ज्यादातर अस्पतालों में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही हेल्थ एक्सपर्ट्स भी बाकी लोगों को अस्पताल न आने की सलाह दे रहे हैं। सरकार ने दूसरे मरीजों के लिए टेली-कंसल्ट की सुविधा शुरू की है जिसके तहत डॉक्टर्स मरीजों के रूटीन चेकअप और माइनर प्रॉब्लम्स डिस्कस कर सकेंगे। पर गंभीर स्थिति में अगर अस्पताल जाने की नौबत आ जाये तो वैसे समय में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, आइए जानते हैं-
अत्यधिक जरूरी होने पर ही जाएं विजिटर्स: कोविड-19 को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार हॉस्पिटल्स को इस समय किसी भी गैर-जरूरी विजिटर की एंट्री पर रोक लगा देनी चाहिए। इसके अनुसार, अगर अस्पताल में किसी विजिटर का आना जरूरी है तो उसकी उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। इस गाइडलाइन के अनुसार किसी भी मरीज के रूम में जाने व निकलने के बाद साबुन या फिर एल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर से हाथ धोना चाहिए।
अस्पताल जाने से पहले डॉक्टर्स की लें सलाह: ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर के अनुसार चिकित्सकों को इस समय अर्जेंट व एमरजेंसी केसेज में किन्हें प्राथमिकता देनी है, ये तय कर लेना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मैमोग्राम, कोलोनोस्कोपी जैसी वैकल्पिक प्रक्रियाओं में देरी की जा रही है। इसलिए अगर आप अस्पताल किसी पहले से शेड्यूल की गई सर्जरी के लिए जाना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
सोशल डिस्टेंसिंग का करें पालन: अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए सभी निर्देशों का पालन करना तो जरूरी है ही, साथ में कोशिश करें अस्पताल का काम जल्दी से खत्म कर सकें। इसके लिए जरूरी है कि आप पहले से ही सोच लें कि आपको डॉक्टर से क्या बात करनी है। सारे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने साथ रखें ताकि आपको दोबारा अस्पताल न जाना पड़े। हॉस्पिटल में किसी भी चीज को छूने से बचें और सर्जिकल मास्क व ग्लव्स पहनें। वहां से लौटने के बाद जूतों को घर के बाहर खोलें और अपने हाथों को दरवाजे के बाहर सैनिटाइज करके सीधे बाथरूम घुसें और अपने कपड़ों को धुलने में डालें और खुद भी अच्छे से साबुन लगाकर नहाएं।

