रात में नींद पूरी न होना दिन में नींद लेने का महत्वपूर्ण कारण है। जो लोग रात भर काम करते हैं उन्हें दिन में सोना जरूरी होता है, लेकिन इनके अलावा जो लोग दिन में सोने की आदत रखते हैं उन्हें थोड़ा संभल जाने की जरूरत है। हाल ही में दिन में सोने वाले लोगों के एक बड़े सैंपल का सर्वे करने पर यह पाया गया है कि दिन में सोने वाले लोगों को दिल का दौरा पड़ने का खतरा उन लोगों से ज्यादा होता है जो दिन में नहीं सोते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार दिन में सोने वालों में धमनियों की बीमारी की अपेक्षा दिल का दौरा पड़ने का खतरा 1-2 प्रतिशत बढ़ जाता है।

एक अन्य शोध में भी यह बात सामने आई है कि दिन में 1 घंटे से ज्यादा सोना स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इस शोध में बताया गया है कि दिन में एक घंटे से ज्यादा सोना नींद से जुड़ी बीमारियों जैसे दिल का दौरा, टाइप टू डायबिटीज और ब्रेन हैमरेज तक को न्यौता दे सकता है। इन सबके अलावा आयुर्वेद भी दिन में सोने की आदत को सही नहीं मानता। आयुर्वेद के अनुसार दिन में सोने से कई तरह के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। मोटापा और जुकाम जैसी समस्याओं का खतरा पैदा हो जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी रात भर सोकर दिन में काम करने के तरीके को सही बताता है।

आयुर्वेद में मानव की शारीरिक और मानसिक स्थितियों के आधार पर दिन में सोना किसके लिए लाभदायक और किसके लिए नुकसानदेह, इसका एक वर्गीकरण तैयार किया है। इसके अनुसार लगातार अध्ययन से थके विद्यार्थी, बुजुर्ग, वात की समस्या से ग्रस्त रोगी, कड़ी मेहनत करने वाले मजदूर और वजन बढ़ने के इच्छुक लोगों के लिए दिन में सोना काफी फायदेमंद होता है। वहीं जो लोग मोटापे से पीड़ित हैं और जिन्हें अपना वजन घटाना है उनके लिए दिन में सोना हानिकारक हो सकता है।