Uric Acid Home Remedies: बदलती जीवन शैली के बीच बीमारियों का रूप भी बदला है और मरीजों की उम्र में भी तब्दीलियां आयी हैं। पहले जिन बीमारियों को बुढ़ापे की निशानी समझा जाता था उनसे अब किशोरावस्था में भी लोग परेशान हो जाते हैं। लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़े रहने से Arthritis का खतरा बढ़ता है। इससे कम उम्र में ही मरीजों को घुटने में दर्द और उठने-बैठने में तकलीफ की शिकायत होती है। माना जाता है कि शरीर में विटामिन सी की कमी से भी लोग हाइपरयूरिसेमिया से पीड़ित हो जाते हैं।

क्या हैं लक्षण: मरीज के हाथ-पैरों में जलन होती है, उंगलियों में असहनीय दर्द होता है। जोड़ों में दर्द, अकड़न और जलन आदि की समस्या आदि का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, कई बार यूरिक एसिड बढ़ जाने पर सीने में जलन और खाना खाने में भी तकलीफ भी हो सकती है। सूजन, हड्डियों में दर्द और पेशाब करने में दिक्कत अथवा उस दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट में जलन भी हाई यूरिक एसिड का लक्षण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसमें आदमी ज्यादा जल्दी थक भी जाता है।

महिलाओं में यूरिक एसिड का लेवल 2.4-6.0 mg/dL के बीच होना चाहिए। वहीं, पुरुषों में इसका स्तर 3.4-7.0 mg/dL के बीच रहना चाहिए। अगर ब्लड में यूरिक एसिड लेवल इससे ज्यादा है तो कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। नहीं तो कई अन्य परेशानियां हो सकती हैं। आइए जानते हैं ब्लड में यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या-क्या कठिनाइयां होती हैं –

ब्लड शुगर बढ़ सकता है: ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर अनियमित होने से शरीर में इंसुलिन लेवल भी प्रभावित होता है। इससे शरीर में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। इसका संतुलन बिगड़ने से डायबिटीज का खतरा ज्यादा हो जाता है।

हार्ट डिजीज का जोखिम: हाई यूरिक एसिड के मरीजों हार्ट डिजीज का खतरा भी रहता है। एक अध्ययन के अनुसार हाइपरयूरिसेमिया के मरीजों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक देखने को मिलती है। इसके अलावा, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की पत्रिका में छपी एक खबर के अनुसार जिन लोगों के खून में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक होता है।