दिन में 6 से 7 बार पेशाब आना बॉडी को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है। हमारी किडनी लगातार हमारी बॉडी में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करती हैं, ये टॉक्सिन पेशाब के जरिए हमारी बॉडी से बाहर निकलते हैं और हमारी बॉडी हेल्दी रहती है। पेशाब करते समय यूरिन से स्मेल आना स्वाभाविक है लेकिन जब बदबू जरूरत से ज्यादा आने लगे तो ये चिंता का विषय है। पेशाब में एसिड जैसी गंध आना साफ संकेत है कि आपकी बॉडी में कोई परेशानी हो रही है और यूरिन की गंध उस परेशानी का अलार्मिंग साइन है।

मुंबई के ज़ेन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के ज़ेन एनेक्स में कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य नायक ने बताया लगातार पेशाब से एसिड जैसी बदबू आना मूत्र मार्ग संक्रमण यानी UTI का संकेत हो सकता है। अगर पेशाब करते समय जलन होती है, बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती, नाभि के नीचे या कमर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो आप यूटीआई के शिकार हो सकते हैं। UTI में तेज बुखार, खासकर कंपकंपी के साथ भी हो सकता है। हालांकि बॉडी में दिखने वाले ये लक्षण सिर्फ संक्रमण के मामलों में ही नहीं होते। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि पेशाब में तेजाब जैसी बदबू आने के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

पेशाब में तेजाब जैसी गंध के मेडिकल कारण

मूत्र मार्ग संक्रमण के अलावा बदबूदार पेशाब आने के लिए अनकंट्रोल डायबिटीज, किडनी की समस्या, मेटाबॉलिक समस्याएं पेशाब से बदबू आने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। डायबिटीज जैसी अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं भी पेशाब की गंध को प्रभावित कर सकती हैं। शरीर में ग्लूकोज या कीटोन की मौजूदगी के कारण पेशाब में मीठी या एसिडिक गंध आ सकती है। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बदबूदार पेशाब के सबसे आम चिकित्सकीय कारणों में से एक है। यह तब होता है जब बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में बढ़ने लगते हैं, जिससे जलन और सूजन पैदा होती है।

पेशाब में तेजाब जैसी बदबू आने के लिए नॉर्मल कारण

  • मुंबई के ग्लेनीगल्स अस्पताल में यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. प्रदीप राव बताते हैं कि पेशाब से बदबू आने के लिए डिहाइड्रेशन, लहसुन या शतावरी जैसे कुछ खाद्य पदार्थों और विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन जिम्मेदार हो सकता है। इन सप्लीमेंट और हर्ब्स की वजह से पेशाब की गंध तेज या बदबूदार हो सकती है।
  • जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब ज्यादा गाढ़ा हो जाता है, जिससे उसकी गंध स्वाभाविक रूप से तेज हो जाती है।
    कॉफी या शराब जैसे पेय पदार्थ भी कुछ समय के लिए पेशाब की गंध को प्रभावित कर सकते हैं।
    गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी पेशाब की गंध में परिवर्तन ला सकते हैं।
    इसके अलावा कुछ दवाइयां, खासतौर पर बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन सप्लीमेंट्स, पेशाब की गंध को और तेज कर सकते हैं।

डॉक्टर के पास कब जाएं  

लगातार पेशाब से आने वाली बदबू को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर ये बदबू कई दिनों तक बनी रहती है या इसके साथ जलन, दर्द, बुखार या पेशाब के रंग में बदलाव होता है, तो तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. नायक ने ऐसी स्थिति में कुछ खास टेस्ट कराने की सलाह दी है। मूत्र की नियमित जांच और माइक्रोस्कोपी, यूरिन कल्चर टेस्ट, ब्लड शुगर जांच और किडनी की जांच कराएं। ये टेस्ट संक्रमण, मेटाबॉलिक संबंधी स्थितियों या दूसरी बॉडी में होने वाली हेल्थ प्रोब्लम को जानने में मदद कर सकते हैं, जिनके लिए आपको तुरंत उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

लाइफस्टाइल और डाइट में करें ये बदलाव

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पेशाब के गाढ़ापन और तेज गंध को रोकने में मददगार साबित होता है।
डाइट पर ध्यान दें। डाइट में लहसुन, शतावरी और कॉफी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
पेशाब की गंध को प्रभावित करने वाली दवाओं या सप्लीमेंट्स का सेवन कंट्रोल करें।

निष्कर्ष

पेशाब की गंध में कभी-कभार बदलाव होना सामान्य बात है और आमतौर पर इससे कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन लगातार पेशाब में बदबू आए तो खासकर दर्द, जलन या बुखार जैसे लक्षणों के साथ तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। पेशाब में दुर्गंध आपके शरीर का एक संकेत हो सकता है और समय पर इलाज कराने से छोटी-मोटी समस्याएं गंभीर होने से बच सकती हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर, अपनी डाइट पर ध्यान देकर और डॉक्टर से सलाह लेकर आप अपनी यूरिन से जुड़ी परेशानियों का इलाज कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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