उम्र का 40वां पड़ाव जिंदगी का वह मोड़ है जहां अनुभव तो बढ़ता है, लेकिन शरीर की कार्यक्षमता (Metabolism) धीमी होने लगती है। मेडिकल साइंस के अनुसार 40 की उम्र पार करते ही शरीर में ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो चुपके से आपको डायबिटीज के जाल में फंसा लेती है। अक्सर हम काम के तनाव और थकान को बढ़ती उम्र का हिस्सा मानकर टाल देते हैं, जबकि असल में ये बढ़ते ब्लड शुगर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) हर साल अपनी रिसर्च अपडेट करता है। उनकी रिसर्च के अनुसार 40 से 45 वर्ष की आयु वह ‘क्रिटिकल पॉइंट’ है जहां टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम तेजी से बढ़ता है। इस उम्र में डायबिटीज सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि अन्य गंभीर अंगों जैसे हार्ट और किडनी के लिए खतरे की घंटी बन सकती है। इस उम्र में मांसपेशियां कम होने लगती हैं और फैट (विशेषकर पेट के आसपास) बढ़ने लगता है, जिससे शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता।
लांसेट में प्रकाशित कई अध्ययनों में बताया गया है कि 40 साल की उम्र के बाद ‘बीटा सेल्स’ जो इंसुलिन बनाती हैं उनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग 40 की उम्र के बाद हर 6 महीने में अपना चार्ट मॉनिटर करते हैं, उनमें डायबिटीज से होने वाली अन्य बीमारियों का खतरा 40% तक कम हो जाता है। लेकिन इस उम्र में डरने की जरुरत नहीं बल्कि जागरूक होने की जरूरत है।
अगर आप सही समय पर अपने ब्लड शुगर की सटीक रेंज को पहचान लें, तो आप न केवल डायबिटीज को रोक सकते हैं, बल्कि एक लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। आज के इस विशेष लेख में हम आपको एक बेहद आसान चार्ट के जरिए बताएंगे कि खाली पेट और खाने के बाद आपका शुगर लेवल कितना होना चाहिए, ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।
American Diabetes Association) और WHO (World Health Organization) के रिसर्च डेटा पर आधारित डायबिटीज चार्ट।
| स्थिति (Status) | खाली पेट (Fasting) | खाने के 2 घंटे बाद (Post-Meal) | HbA1c (औसत) |
| सामान्य (Normal) | 70 – 99 mg/dL | 140 mg/dL से कम | 5.7% से कम |
| प्री-डायबिटीज | 100 – 125 mg/dL | 140 – 199 mg/dL | 5.7% – 6.4% |
| डायबिटीज | 126 mg/dL या अधिक | 200 mg/dL या अधिक | 6.5% या अधिक |
उम्र के अनुसार ब्लड शुगर लेवल चार्ट (Normal Range)
| बच्चे (0 – 6 साल) | 100 – 180 mg/dL | ~180 mg/dL |
| बच्चे (6 – 12 साल) | 90 – 180 mg/dL | ~140 mg/dL |
| किशोर (13 – 19 साल) | 90 – 130 mg/dL | ~140 mg/dL |
| वयस्क (20 – 40 साल) | 70 – 100 mg/dL | 140 mg/dL से कम |
| वयस्क (40 – 60 साल) | 80 – 105 mg/dL | 140 mg/dL से कम |
| बुजुर्ग (60+ साल) | 90 – 110 mg/dL | 140 – 160 mg/dL |
निष्कर्ष
उम्र के साथ ब्लड शुगर का स्तर बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन 40 की उम्र एक ऐसा ‘टर्निंग पॉइंट’ है जहां सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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