खराब डाइट और बिगड़ता लाइफस्टाइल आज पेट से जुड़ी समस्याओं की सबसे बड़ी वजह बन चुका हैं। पेट में बार-बार गैस बनना, ब्लोटिंग यानी पेट का फूलना और अपच जैसी परेशानियां अब सिर्फ कभी-कभार होने वाली दिक्कत नहीं रहीं, बल्कि कई लोगों के लिए यह रोज़मर्रा की समस्या बन गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की लगातार होने वाली गैस और ब्लोटिंग को सामान्य पाचन प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। असल में ये संकेत हो सकता है कि पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है। फास्ट फूड, जंक फूड, जरूरत से ज्यादा तला-भुना खाना, अनियमित भोजन, देर रात खाना, शारीरिक गतिविधि की कमी और लगातार तनाव होना ये सभी फैक्टर मिलकर डाइजेशन को कमजोर कर देते हैं।
जब खाना ठीक से पच नहीं पाता, तो वह आंतों में जाकर फर्मेंट होने लगता है। इसी प्रक्रिया में गैस बनती है, जिससे पेट फूलता है, भारीपन रहता है और कभी-कभी दर्द भी महसूस होता है। लंबे समय तक ये समस्या बनी रहे तो कब्ज, एसिडिटी और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक अक्सर लोग रोज़ाना पेट में गैस बनना, पेट फूलना और कपड़ों का टाइट लगना एक मामूली समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर गैस और ब्लोटिंग कभी-कभार हो, तो यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर ये परेशानी रोज़ हो रही है, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। सही समय पर खानपान में बदलाव, एक्टिव लाइफस्टाइल और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सलाह लेकर इन समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि पेट में गैस क्यों बनती है और ब्लोटिंग होने की वजह क्या है और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
गैस क्या होती है और क्यों बनती है?
पेट में गैस बनना पूरी तरह असामान्य नहीं है। गैस मुख्य रूप से दो वजहों से बनती है, पहला खाते समय हवा का पेट में चला जाना और दूसरा आंतों में अधपचे कार्बोहाइड्रेट्स का फर्मेंट होना। लेकिन जब गैस जरूरत से ज्यादा बनने लगे या बाहर न निकल पाए तब परेशानी शुरू होती है। एक्सपर्ट ने बताया पेट की गैस ब्लोटिंग से अलग समस्या है। ब्लोटिंग पेट में भारीपन, टाइटनेस और फूले होने का एहसास है। कई बार बिना ज्यादा गैस बने भी ब्लोटिंग महसूस होती है। इसकी वजह गट की स्लो मूवमेंट, कब्ज, या नर्व्स की ज्यादा सेंसिटिविटी हो सकती है।
रोज़ पेट में गैस बनने के लिए जिम्मेदार कारण
- अगर रोजाना पेट फूलता है, बदबूदार गैस निकलती है या बार-बार डकार आती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे
- तेज़-तेज़ खाना और ओवरईटिंग
- रात को हैवी डिनर
- कब्ज की समस्या
- दूध, गेहूं या कुछ दालों से इंटॉलरेंस
- आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन
- ज्यादा तनाव और एंग्जायटी
इन 3 बीमारियों की वजह से भी पेट में बनती है गैस
- कई बार गैस और ब्लोटिंग के पीछे गंभीर समस्याएं भी होती हैं जैसे IBS (Irritable Bowel Syndrome)
- SIBO (Small Intestinal Bacterial Overgrowth)
- Celiac Disease (ग्लूटेन से जुड़ी ऑटोइम्यून बीमारी)। इन स्थितियों में गैस के साथ पेट दर्द, दस्त, कब्ज, थकान, एनीमिया और वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
गैस से राहत पाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना खाएं
खाना हमेशा आराम से बैठकर और ध्यानपूर्वक खाना चाहिए। जब हम भोजन को अच्छी तरह चबाते हैं, तो पाचन एंजाइम ठीक से काम करते हैं। इससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है, गैस बनने की संभावना कम होती है और पेट में भारीपन महसूस नहीं होता।
ओवरईटिंग से बचें
जरूरत से ज्यादा खाना पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ओवरईटिंग की वजह से डाइजेशन स्लो हो जाता है और खाना ठीक से नहीं पच पाता, जिससे गैस और ब्लोटिंग होती है। हमेशा अपनी भूख से थोड़ा कम खाना पेट के लिए बेहतर माना जाता है।
डिनर सोने से 3 घंटे पहले करें
रात को सोने से ठीक पहले खाना खाने से पाचन अधूरा रह जाता है। इससे गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या बढ़ जाती है। डिनर सोने से कम से कम तीन घंटे पहले कर लेने से डाइजेशन सही रहता है और नींद भी बेहतर आती है।
रोज़ फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं
शारीरिक गतिविधि पाचन तंत्र को एक्टिव रखने में मदद करती है। रोज़ाना वॉक, हल्की एक्सरसाइज या योग करने से आंतों की मूवमेंट बेहतर होती है। इससे कब्ज की समस्या कम होती है और गैस व ब्लोटिंग से भी काफी हद तक राहत मिलती है।
कब्ज के लिए फाइबर और पानी लें
कब्ज गैस और ब्लोटिंग की बड़ी वजह होती है। पर्याप्त फाइबर युक्त भोजन और सही मात्रा में पानी पीने से स्टूल सॉफ्ट रहता है और पेट आसानी से साफ होता है। इससे आंतों में फर्मेंटेशन कम होता है और गैस बनने से बचाव होता है।
खाने के बाद सौंफ चबाएं
सौंफ पाचन के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। खाने के बाद सौंफ चबाने से डाइजेस्टिव एंजाइम्स एक्टिव होते हैं। इससे गैस बाहर निकलने में मदद मिलती है, पेट हल्का महसूस होता है और मुंह की दुर्गंध भी कम होती है।
अजवाइन और अदरक का इस्तेमाल करें
अजवाइन और अदरक दोनों ही डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं। अजवाइन गैस को तोड़ने और पेट की मरोड़ कम करने में मदद करती है, जबकि अदरक पाचन क्रिया को तेज करता है। इनका सीमित और सही इस्तेमाल गैस की समस्या में राहत देता है।
स्ट्रॉ, सोडा और च्युइंगम से बचें
स्ट्रॉ से पीने, सोडा या फिजी ड्रिंक्स लेने और ज्यादा चुइंगम चबाने से पेट में अतिरिक्त हवा चली जाती है। यही हवा बाद में गैस और ब्लोटिंग का कारण बनती है। इसलिए इन आदतों से दूरी बनाना पेट की सेहत के लिए जरूरी है।
एक्सपर्ट्स की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस सिर्फ एक छोटी समस्या नहीं बल्कि शरीर का एक वार्निंग सिग्नल हो सकती है। सही समय पर लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करके बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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