डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें फास्टिंग से लेकर पोस्ट मील शुगर तक का नॉर्मल रहना चाहिए। डायबिटीज का स्तर अगर लगातार ज्यादा रहता है तो ये बॉडी के जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। ब्लड में लगातार शुगर का स्तर हाई होने से दिल की सेहत बिगड़ने लगती है, किडनी और लंग्स को नुकसान पहुंचने लगता है। डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले सलाह देते हैं कि आप अपनी डाइट को कंट्रोल करें। डाइट में कार्ब्स का सेवन कम करें और बॉडी को एक्टिव रखें। कुछ डायबिटीज मरीज ऐसे भी हैं जो डायबिटीज फ्रेंडली डाइट चार्ट फॉलो करते हैं लेकिन फिर भी उनकी फास्टिंग शुगर हाई रहती है। आप जानते हैं कि डाइट में कार्ब्स का कंट्रोल करने के बाद ब्लड में शुगर का स्तर हाई होने के लिए आपकी रात की नींद पूरी तरह जिम्मेदार है।
कुछ डायबिटीज मरीज रात भर करवटें बदलते रहते हैं और उन्हें नींद नहीं आती जिसका नतीजा उनकी फास्टिंग शुगर हाई रहती है। KIM हॉस्पिटल्स ठाणे में इंटरनल मेडिसिन में कंसल्टेंट डॉ. अनिकेत मुले के मुताबिक नींद की कमी शरीर को ऐसे तरीकों से प्रभावित करती है, जिनका अंदाज़ा लोगों को नहीं होता। अगर आप रात भर कुछ ही घंटों सोए हैं तो आपकी सुबह की ब्लड शुगर हाई हो सकती है, बेशक आप डायबिटीज फ्रेंडली डिनर और नाश्ता क्यों न करें। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रात की कम नींद कैसे ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ा देती है।
रात की कुछ घंटों की नींद कैसे आपका फास्टिंग शुगर बढ़ा देती है?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप पूरी रात 7 से 8 घंटों की नींद नहीं सोते तो बॉडी में कॉर्टिसोल हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। कार्टिसोल एक स्ट्रेस हॉर्मोन है जिसके बढ़ने से बॉडी में तनाव बढ़ता है। इस हॉर्मोन के बढ़ने से शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं। इसका मतलब ये है कि आप जो सुबह नाश्ता करते हैं उससे जो शुगर बॉडी को मिलती है वो ब्लड में ज्यादा समय तक रहती है और कोशिकाओं तक जल्दी नहीं पहुंचती। आप रोज वहीं सेम नाश्ता या रात का खाना खाते हैं लेकिन शरीर पर इस शुगर का स्तर बदल जाता है। ऐसी स्थिति में मरीज नॉर्मल और सीमित डाइट लेता है फिर भी ब्लड में ग्लूकोज़ का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
Journal of Clinical Endocrinology & Metabolism में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक अगर कोई हेल्दी इंसान भी केवल एक रात 4 घंटे से कम सोता है, तो अगली सुबह उसके शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता 20-25% तक कम हो जाती है। नींद की कमी कोशिकाओं को ज़िद्दी बना देती है। वे खून से शुगर सोखना बंद कर देती हैं, जिससे सुबह उठते ही फास्टिंग शुगर लेवल हाई मिलता है।
एक रात कम सोने से क्या शुगर का स्तर बदल जाता है?
एक्सपर्ट ने बताया सिर्फ एक रात पूरी तरह नहीं सोने से ब्लड में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। अगर आप रात में सिर्फ 4 घंटों की नींद लेते हैं तो इससे अस्थायी इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है जिसका बॉडी पर तुरंत असर दिखता है। बॉडी में तनाव बढ़ने पर इंसान कम सोता है और ये हॉर्मोनल बदलाव खाने को पचाने के तरीके को प्रभावित करता है। लोग सोचते हैं कि मेटाबॉलिक बदलाव महीनों में होते हैं, लेकिन शरीर कुछ ही घंटों में अपनी प्रतिक्रिया दे देता है। एक्सपर्ट ने बताया अक्सर जो नाश्ता आपकी शुगर को कंट्रोल रखता है, वही अचानक प्री-डायबिटिक स्तर तक ले जा सकता है।
कम नींद लेते हैं और शुगर रीडिंग हाई रहती है तो क्या करें?
डॉ. मुले के मुताबिक अगर आप रात में कम सोते हैं और सुबह या दिन भर ब्लड शुगर का स्तर हाई रहता है तो आप घबराएं नहीं, अपनी डाइट को कम नहीं करें बल्कि आप अपनी नींद को पूरा करें। नींद की कमी का असर आपकी सोच से कहीं ज्यादा होता है। ऐसे में घबराकर खाने की मात्रा बहुत ज्यादा कम न करें। आप शुगर नॉर्मल रखने के लिए बॉडी को हाइड्रेट रखें और हेल्दी डाइट का सेवन करें। डाइट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट को शामिल करें। अगर आपकी ब्लड शुगर बार बार असामान्य रहे तो साफ संकेत है कि सिर्फ डाइट नहीं, बल्कि नींद की आदतों में सुधार की जरूरत है।
मेटाबॉलिक डिजीज डायबिटीज के लिए नींद क्यों है अहम?
डॉ. मुले के मुताबिक पर्याप्त नींद शरीर का रोज़ रीसेट करने का सिस्टम हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक गहरी नींद के दौरान भूख, तृप्ति और शुगर को नियंत्रित करने वाले हार्मोन अपने नैचुरल चक्र में काम करते हैं। नींद कम होने से ये संतुलन बिगड़ जाता है। कम नींद की वजह से भूख ज्यादा लगती है, कार्बोहाइड्रेट की क्रेविंग बढ़ जाती है और शुगर को प्रोसेस करने में शरीर को परेशानी होती है। लंबे समय तक यही क्रम चलने से मेटाबॉलिक समस्याएं बढ़ सकती हैं, भले ही व्यक्ति ठीक-ठाक खाना ही क्यों न खा रहा हो।
ब्लड शुगर नॉर्मल रखने के लिए क्या करें
नींद से जुड़ी शुगर की समस्या से बचने के लिए आप एक ही समय पर सोने की आदत डालें। समय पर सोने और जागने ने ब्लड में शुगर का स्तर नॉर्मल हो जाता है।
सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें
रात में भारी भोजन का सेवन करने से बचें
शाम को अपनाई गई एक शांत रूटीन सोने से पहले कॉर्टिसोल हॉर्मोन को कम करने में मदद करती है। जब आप रात भर ठीक से सोते हैं तो आपकी सुबह की ब्लड शुगर नॉर्मल रहती है और दिन भर भी शुगर का स्तर कंट्रोल रहता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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