इंटेस्टाइन यानी आंतें हमारे पाचन तंत्र का एक बेहद अहम हिस्सा होती हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है एक छोटी आंत और दूसरी बड़ी आंत। छोटी आंत का काम भोजन को पचाना और उससे मिलने वाले पोषक तत्वों को शरीर में अवशोषित करना होता है, जबकि बड़ी आंत पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स को सोखने के साथ-साथ मल को जमा करने का काम करती है। आंतों की सेहत सीधे तौर पर हमारे पोषण, ऊर्जा स्तर और ओवरऑल हेल्थ से जुड़ी होती है। जब आंतें सही तरीके से काम करती हैं, तो पाचन बेहतर रहता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं। बॉडी के इस जरूरी अंगों की नियमित देखभाल और सफाई करना बेहद जरूरी माना जाता है। आंतों को डिटॉक्स रखने से न सिर्फ पाचन दुरुस्त रहता है, बल्कि इम्यूनिटी मजबूत होती है, वजन बैलेंस रहता है और स्किन की सेहत में भी सुधार देखने को मिलता है।
भारतीय योग गुरु, लेखिका, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉ. हंसा योगेंद्र के अनुसार आंतों की सेहत बनाए रखने के लिए डाइट में कुछ खास प्राकृतिक जूस शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया सही जूस का नियमित सेवन आंतों में जमा गंदगी को साफ करने में मदद करता है, शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है और गट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाता है, जो पाचन और इम्यूनिटी के लिए जरूरी होते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि चुकंदर और अदरक का जूस कैसे पाचन को दुरुस्त करता है और आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है।
चुकंदर,अदरक,हल्दी और काली मिर्च का जूस कैसे आंतों के लिए हेल्दी है?
डॉ. हंसा योगेंद्र के मुताबिक चुकंदर और अदरक से तैयार जूस आंतों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस जूस में पाए जाने वाले नेचुरल पोषक तत्व पाचन क्रिया को तेज करते हैं और आंतों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें डाली जाने वाली अन्य प्राकृतिक चीजें गट को मजबूती देती हैं, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार मानी जाती हैं। चुकंदर का सेवन पाचन से जुड़ी परेशानियों को कम करता हैं।
चुकंदर कैसे आंतों के लिए फायदेमंद है?
चुकंदर फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है। चुकंदर प्रीबायोटिक की तरह काम करता है, जिससे गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं। इसके अलावा चुकंदर लीवर और आंतों से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पाचन दुरुस्त रहता है। चुकंदर में इंसुलिन नामक एक विशेष प्रकार का फाइबर होता है।
Nutrients Journal में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, चुकंदर का फाइबर प्रीबायोटिक की तरह काम करता है। यह हमारे पेट में मौजूद ‘गुड बैक्टीरिया’ (Probiotics) का भोजन है। इसे खाने से बिफिडोबैक्टीरिया (Bifidobacteria) की संख्या तेजी से बढ़ती है, जो पाचन को दुरुस्त करते हैं और आंतों की सूजन कम करते हैं। Nutrients Journal में प्रकाशित एक शोध के अनुसार चुकंदर का फाइबर प्रीबायोटिक की तरह काम करता है। यह हमारे पेट में मौजूद गुड बैक्टीरिया (Probiotics) का भोजन है। इसे खाने से बिफिडा बैक्टीरियम (Bifidobacteria) की संख्या तेजी से बढ़ती है, जो पाचन को दुरुस्त करती हैं और आंतों की सूजन कम करती हैं।
अदरक कैसे गट हेल्थ सुधारता है?
अदरक पाचन तंत्र को एक्टिव करने वाला एक प्रभावी प्राकृतिक तत्व है। इसमें मौजूद जिंजरॉल और शोओगॉल जैसे कंपाउंड गैस, अपच और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अदरक आंतों की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है। ये ब्लोटिंग और मरोड़ की समस्या को कम करता है और आंतों की गति को संतुलित बनाए रखता है। European Journal of Gastroenterology & Hepatology में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार अदरक पेट से भोजन को छोटी आंत में भेजने की प्रक्रिया को 25-50% तक तेज कर देती है। जब खाना पेट में ज्यादा देर तक नहीं सड़ता तो गैस, एसिडिटी और भारीपन की समस्या नहीं होती। यह अपच के लिए दुनिया की सबसे प्रभावी नेचुरल दवा मानी गई है।
हल्दी आंतों के लिए क्यों जरूरी है?
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व है। ये आंतों की सूजन को कम करता है और गट लाइनिंग को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। हल्दी पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाती है, जिससे खाना बेहतर तरीके से टूटता है। इसके नियमित सेवन से इरिटेबल बाउल, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
काली मिर्च गट हेल्थ में कैसे मदद करती है?
काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। यह शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाता है और हल्दी जैसे तत्वों के असर को भी बढ़ाता है। काली मिर्च गैस और भारीपन की समस्या को कम करती है तथा आंतों में जमा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है। इससे मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और गट हेल्थ मजबूत होती है।
आंतों के लिए ये जूस कैसे बनाएं
- सामग्री
- चुकंदर-1 मीडियम साइज
- अदरक-1 इंच का पीस
- नींबू का रस-दो चम्मच नींबू का रस
- हल्दी का पाउडर-आधा चम्मच हल्दी का पाउडर
- काली मिर्च-स्वाद के मुताबिक
जूस को कैसे तैयार करें
चुकंदर को अच्छे से वॉश करके उसे बारीक टुकड़ों में काट लें और उसे मिक्सर के गिलास में डालें। इसके साथ ही इसमें अदरक का टुकड़ा, हल्दी और काली मिर्च को डालें और मिक्सर में चला लें आपका गट फ्रेंडली जूस तैयार है। आप इसे छानकर गिलास में डाल लें और ऊपर से इसमें नींबू का रस मिलाएं और इस जूस को ताजा ही पिएं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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