जब गट फ्लोरा संतुलित रहता है, तो पाचन दुरुस्त रहता है, शरीर में सूजन कम होती है और बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। लेकिन खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल इस संतुलन को बिगाड़ सकता है। कुछ फूड गुड बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे गट डिस बायोसिस की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें खराब बैक्टीरिया हावी हो जाते हैं।
गट फ्लोरा के बिगड़ने से सिर्फ पेट की समस्याएं ही नहीं होती बल्कि इसका असर पूरे शरीर पर दिखता है। बार-बार गैस, ब्लोटिंग, कब्ज, डायरिया, थकान, कमजोर इम्यूनिटी, स्किन प्रॉब्लम्स और वजन बढ़ने जैसी परेशानियां इसी का संकेत हो सकती हैं। रिसर्च बताती है कि लंबे समय तक गट हेल्थ खराब रहने से डायबिटीज, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल कानपुर में एक वरिष्ठ गैस्ट्रोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट (लिवर विशेषज्ञ) और एंडोस्कोपिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा के मुताबिक 5 फूड्स ऐसे हैं जिनका सेवन आंतों की नाजुक परत को नुकसान पहुंचा सकता हैं और अच्छे बैक्टीरिया का सफाया कर सकता हैं। अगर आप भी अक्सर गैस, एसिडिटी और कब्ज से परेशान रहते हैं, तो यह लेख आपके लिए एक आई-ओपनर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड हैं जो तेजी से हमारे गट को नुकसान पहुंचाते हैं।
प्रोसेस्ड फूड (Processed Food)
प्रोसेस्ड फूड गट हेल्थ के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। इसमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स, आर्टिफिशियल कलर, फ्लेवर और अनहेल्दी फैट आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। ये फूड्स गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं और सूजन बढ़ाते हैं। लगातार प्रोसेस्ड फूड खाने से पाचन कमजोर होता है, गैस, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
रिफाइंड शुगर (Refined Sugar)
सफेद चीनी और इससे बनी चीजें गट हेल्थ के लिए बेहद नुकसानदायक मानी जाती हैं। रिफाइंड शुगर गट में मौजूद खराब बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ाती है, जिससे माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका ज्यादा सेवन सूजन, एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। साथ ही ये इम्यून सिस्टम को भी कमजोर करता है, जिससे आंतों की सेहत और ज्यादा बिगड़ सकती है।
तला-भुना खाना (Fried Foods)
समोसे, भटूरे, पकोड़े, चाट और अन्य तले-भुने फूड्स स्वाद में भले ही अच्छे लगें, लेकिन गट हेल्थ के लिए हानिकारक होते हैं। इनमें मौजूद ट्रांस फैट और रिफाइंड ऑयल गट बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाते हैं। ये फूड्स पचने में भारी होते हैं, जिससे गैस, अपच और पेट में जलन की समस्या होती है। नियमित सेवन से आंतों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है।
शराब (Alcohol)
अल्कोहल का सेवन गट माइक्रोबायोटा को सीधे नुकसान पहुंचाता है। ये आंतों की अंदरूनी परत को कमजोर करता है और सूजन बढ़ाता है। शराब गुड बैक्टीरिया को कम करती है, जिससे पाचन बिगड़ता है और पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता। ज्यादा या नियमित शराब पीने से लीकी गट सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
ज्यादा एनिमल प्रोटीन (Excess Animal Protein)
एनिमल प्रोटीन जैसे मांस, रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट सीमित मात्रा में फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इनका ज्यादा और रोजाना सेवन गट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। रिसर्च के मुताबिक अत्यधिक एनिमल प्रोटीन गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया को कम कर सकता है और सूजन बढ़ा सकता है। इससे पाचन समस्याएं, कब्ज और आंतों की असहजता बढ़ने लगती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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