रात में बार-बार पेशाब आना एक ऐसी परेशानी है जो अक्सर बड़ी उम्र के लोगों को और डायबिटीज मरीजों को सबसे ज्यादा परेशान करती है। रात में बार-बार पेशाब आने (Nocturia) और यूरिन लीकेज (Incontinence) की समस्या न केवल नींद खराब करती है बल्कि ये ब्लैडर की कमजोरी का भी संकेत है। पेशाब की वजह से नींद बार-बार टूटती है, शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता और सुबह उठते ही थकान, कमजोरी और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। अगर ये परेशानी लगातार बनी रहे तो ये जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
Journal of Urology में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 30% लोग मूत्राशय के रिसाव से जूझते हैं। इसका मुख्य कारण पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का ढीला होना है। रिसर्च बताती है कि ऐसे में कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises) न केवल मांसपेशियों को मजबूत करती है, बल्कि मस्तिष्क और ब्लैडर के बीच के सिग्नलिंग को भी सुधारती है। इससे पेशाब रोकने की क्षमता 60-70% तक बढ़ जाती है। Harvard Health के अनुसार, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में ADH हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। यह हार्मोन रात में किडनी को कम पेशाब बनाने का निर्देश देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रात में बार-बार पेशाब आने के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। इनमें शरीर में पानी और नमक का असंतुलन, गलत समय पर भोजन करना, मूत्राशय की मांसपेशियों का कमजोर होना, अत्यधिक तनाव, डायबिटीज, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, नींद की अनियमित आदतें और रात में ज्यादा नमक का सेवन जिम्मेदार हो सकता है।
चिकित्सा अधिकारी (आयुष), ब्लॉक स्तरीय अस्पताल, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश में डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया केला एक ऐसा फल है जो शरीर में सोडियम और पोटैशियम के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यही संतुलन तय करता है कि शरीर पानी को कैसे संभालेगा। जब ये संतुलन बिगड़ जाता है, तब शरीर बार-बार पेशाब के जरिए पानी बाहर निकालने लगता है।
केला खाने का सही समय कौन सा है?
एक्सपर्ट ने बताया केला का सेवन अगर सही तरीके से सही समय पर किया जाए तो इससे पूरा फायदा मिलता है। केला अगर गलत तरीके और गलत समय पर खाया जाए तो इसका उल्टा असर हो सकता है। कई लोग रात में केला खा लेते हैं या दूध के साथ इसका सेवन करते हैं, जिससे पेट भारी हो सकता है, गैस बन सकती है और नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए रात में केला खाने से परहेज करें।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक केले को खाने का सबसे सही समय शाम का होता है, जब सूर्य ढल रहा होता है और शरीर धीरे-धीरे रात के आराम की तैयारी कर रहा होता है। इस समय केला खाने से यह शरीर को ऊर्जा देता है और मूत्राशय को शांत करने में मदद करता है। लेकिन केले के साथ एक छोटी-सी चीज जोड़ने से इसका असर और ज्यादा बढ़ जाता है, वह है भुना हुआ जीरा।
कैसे करें सही तरीके से सेवन
शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच एक अच्छी तरह पका हुआ केला लें। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर या कौर बनाकर धीरे-धीरे चबा कर खाएं। इसके साथ एक चुटकी भुना हुआ और पिसा हुआ जीरा भी चबा लें। इसके बाद कम से कम 30 मिनट तक पानी न पिएं। इससे केला और जीरा शरीर में बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक शाम के बाद पानी की मात्रा को धीरे-धीरे कम कर देना चाहिए, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए। शरीर को पानी की जरूरत होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी रात में पेशाब की समस्या बढ़ा सकता है।
सोते में पेशाब ज्यादा आता है तो इन बातों का रखें ध्यान
- रात में केला बिल्कुल न खाएं। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भोजन कर लें।
- रात का भोजन हल्का रखें और देर से खाना खाने से बचें।
- शाम के समय अत्यधिक नमक, नमकीन और चटपटी चीजों से परहेज करें।
- सोने से पहले बार-बार पानी पीने की आदत छोड़ें।
- तनाव मुक्त होकर सोने की कोशिश करें और सोने का समय नियमित रखें।
जीरा और केला कैसे करता है यूरिन की परेशानी का इलाज
केला और भुना जीरा मिलकर शरीर में पानी और नमक के संतुलन को धीरे-धीरे ठीक करते हैं। यह मूत्राशय की मांसपेशियों को मजबूती देता है और नसों को शांत करता है। जब यह संतुलन सुधरता है, तो शरीर रात में पानी को रोकना सीखता है और बार-बार पेशाब आने की समस्या अपने आप कम होने लगती है। एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ लोगों को इसका असर 4 से 5 दिनों में दिखने लगता है, जबकि कुछ मामलों में 7 से 10 दिन तक का समय लग सकता है। इस उपाय को कम से कम 10 से 12 दिन तक नियमित रूप से अपनाए आपको फर्क दिखेगा।
निष्कर्ष
केला और एक चुटकी भुना हुआ जीरा रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या में एक सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक घरेलू उपाय हो सकता है। सही समय, सही तरीका और नियमितता के साथ इसका सेवन करने से राहत मिलती है। हालांकि यदि समस्या ज्यादा गंभीर हो या लंबे समय से बनी हुई हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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