आज के समय में बढ़ता वजन केवल दिखावे की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बनता जा रहा है। मोटापा डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, जोड़ों के दर्द और लगातार थकान जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है। पीएसआरआई अस्पताल की प्रमुख डाइटीशियन डॉ. शालिनी ब्लिस के अनुसार, गलत लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान के कारण लोग तेजी से मोटापे की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वजन को कंट्रोल में रखने के लिए आखिर ज्यादा जरूरी क्या है-डाइट या एक्सरसाइज? तो आइए इस बारे में डाइटीशियन डॉ. शालिनी ब्लिस से जानते हैं…

वजन मैनेजमेंट और कैलोरी बैलेंस का कनेक्शन

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वजन मैनेजमेंट का सीधा संबंध कैलोरी बैलेंस से होता है। इसका मतलब है कि आप दिनभर में जितनी कैलोरी खाते हैं और जितनी कैलोरी खर्च करते हैं, उनके बीच संतुलन होना बेहद जरूरी है। अगर आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं और उन्हें बर्न नहीं कर पा रहे, तो वजन बढ़ना तय है। ऐसी स्थिति में सिर्फ एक्सरसाइज के भरोसे वजन कम करना काफी मुश्किल हो जाता है।

वजन कंट्रोल में डाइट क्यों है सबसे अहम?

डॉ. शालिनी ब्लिस के अनुसार, वजन बढ़ने या घटने में लगभग 70 प्रतिशत भूमिका डाइट की होती है। यानी आप क्या खाते हैं, कितना खाते हैं और किस समय खाते हैं, इन सबका वजन पर सीधा असर पड़ता है। हेल्दी डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल होने चाहिए। वहीं जंक फूड, तला-भुना खाना, ज्यादा मीठा और शुगर ड्रिंक्स वजन बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। अगर डाइट सही नहीं है, तो एक्सरसाइज का असर भी सीमित हो जाता है।

एक्सरसाइज क्यों है जरूरी?

एक्सरसाइज शरीर को एक्टिव रखने के साथ-साथ मेटाबॉलिज़्म को तेज करती है। रोजाना वॉक, योग, कार्डियो या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से कैलोरी बर्न होती है और मसल्स मजबूत बनती हैं। एक्सरसाइज़ सिर्फ वजन घटाने में ही मदद नहीं करती, बल्कि वजन दोबारा बढ़ने से भी रोकती है। इसके अलावा नियमित एक्सरसाइज से तनाव कम होता है और मानसिक सेहत भी बेहतर रहती है।

सिर्फ डाइट या सिर्फ एक्सरसाइज, क्या है सही तरीका?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिर्फ डाइट या सिर्फ एक्सरसाइज पर निर्भर रहना सही नहीं है। अगर आप सिर्फ कम खाते हैं लेकिन एक्टिव नहीं रहते, तो शरीर कमजोर हो सकता है। वहीं अगर आप खूब एक्सरसाइज करते हैं लेकिन खानपान अनहेल्दी है, तो वजन कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए हेल्दी और टिकाऊ वजन के लिए दोनों का संतुलन जरूरी है।

निष्कर्ष

हेल्दी वेट मेंटेन करने के लिए डाइट आधार है और एक्सरसाइज उसका सपोर्ट सिस्टम। सही खानपान के बिना एक्सरसाइज अधूरी है और एक्सरसाइज के बिना डाइट का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। अगर आप फिट, एक्टिव और बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं, तो संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

आइए डाइटिशियन अर्चना जैन से जानते हैं कि रोजाना अजवाइन और दालचीनी का पानी पीने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।