Copper Water Side Effects: आजकल सेहतमंद जीवनशैली अपनाने की दौड़ में कॉपर यानी तांबे की बोतल का चलन तेजी से बढ़ा है। आयुर्वेद से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह कॉपर बोतल से पानी पीने के फायदे बताए जाते हैं। कहा जाता है कि तांबा पानी को शुद्ध करता है, पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर को जरूरी मिनरल्स देता है। लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सुरक्षित है? दरअसल, कुछ खास बीमारियों और स्थितियों में कॉपर बोतल से पानी पीना फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि किन लोगों को इससे दूरी बनानी चाहिए। तो चलिए जानते हैं…
कॉपर बोतल का पानी कैसे करता है काम?
जब पानी को तांबे की बोतल में कई घंटों तक रखा जाता है, तो उसमें तांबे के सूक्ष्म कण घुल जाते हैं। इसे ओलिगोडायनामिक इफेक्ट कहा जाता है, जो बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। सीमित मात्रा में कॉपर शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो यह शरीर में जहर की तरह काम कर सकता है।
किडनी रोग से पीड़ित लोगों के लिए खतरा
किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त मिनरल्स और टॉक्सिन्स को बाहर निकालना होता है। लेकिन किडनी की बीमारी में यह प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पाती। ऐसे में कॉपर शरीर में जमा होने लगता है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजों में जैसे-जैसे किडनी फंक्शन घटता है, वैसे-वैसे खून में कॉपर का स्तर बढ़ता जाता है। यह किडनी को और नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किडनी मरीजों को कॉपर बोतल की जगह कांच या BPA-फ्री प्लास्टिक बोतल का इस्तेमाल करना चाहिए।
विल्सन डिजीज वालों के लिए बेहद खतरनाक
विल्सन डिजीज एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें शरीर कॉपर को सही तरह से बाहर नहीं निकाल पाता। इससे तांबा लिवर, दिमाग और अन्य अंगों में जमा होने लगता है। ऐसे मरीज अगर कॉपर बोतल से पानी पीते हैं, तो बीमारी और गंभीर हो सकती है। डॉक्टर आमतौर पर ऐसे लोगों को कॉपर युक्त चीजों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह देते हैं।
एलर्जी या सेंसिटिविटी वाले लोग
कुछ लोगों को तांबे से एलर्जी या संवेदनशीलता हो सकती है। ऐसे लोगों में कॉपर बोतल से पानी पीने के बाद खुजली, स्किन रैशेज, पेट दर्द, उलटी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर कॉपर बोतल का इस्तेमाल शुरू करने के बाद इस तरह के लक्षण दिखें, तो तुरंत इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस समय जरूरत से ज्यादा कॉपर लेना मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
बच्चे और शिशुओं के लिए सावधानी जरूरी
छोटे बच्चों और शिशुओं का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता। उनका शरीर अतिरिक्त कॉपर को आसानी से प्रोसेस नहीं कर पाता। ज्यादा कॉपर बच्चों में कॉपर टॉक्सिसिटी का कारण बन सकता है, जिससे उलटी, पेट दर्द और लिवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को कॉपर बोतल का पानी देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
निष्कर्ष
कॉपर बोतल से पानी पीना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। जहां एक ओर यह कुछ लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है, वहीं दूसरी ओर कुछ खास बीमारियों और स्थितियों में यह गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
