केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन अपनी और सहकर्मियों की सेहत को लेकर काफी संजीदगी बरत रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने आदेश दिया है कि अब से बैठकों में बिस्कुट, समोसा, चॉकलेट केक जैसे जंक फूड न परोसे जाएं। इनकी जगह मुरमुरा और भुने हुए चने परोसने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ‘कम खाएं, उत्तम खाएं’ के सिद्धांत का पालन करवा रहे हैं। हालांकि, हर्षवर्धन पूर्व में निभाई पर्यावण मंत्री की जिम्मेदारियों को भी नहीं भूले हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे प्लास्टिक के बने फाइल कवर्स का इस्तेमाल बंद करें। कहना गलत नहीं होगा कि सरकारी दफ्तरों में प्लास्टिक फाइल कवर काफी ज्यादा नजर आते हैं।
बता दें कि नई सरकार में दोबारा मंत्री बनाए जाने के बाद हर्षवर्धन जब अपने मंत्रालय का कामकाज संभालने पहुंचे तो वह साइकिल पर सवार होकर पहुंचे थे। संयोग की बात थी कि 3 जून को ही विश्व साइकिल दिवस भी था। हर्षवर्धन के साइकिल से दफ्तर जाने को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति संदेश के तौर पर देखा गया था। हर्षवर्धन ही नहीं, मोदी सरकार के एक अन्य मंत्री मनसुख मांडविया भी साइकिल से संसद जाने के लिए मशहूर हैं।
Delhi: Dr Harsh Vardhan arrives at Ministry of Health and Family Welfare on a bicycle, to take charge as the Union Minister for Health & Family Welfare. pic.twitter.com/8T6WVJtef1
— ANI (@ANI) June 3, 2019
जहां तक हर्षवर्धन का सवाल है, वे स्वास्थ्य को लेकर बेहद सजग माने जाते हैं। दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद हर्षवर्धन ईएनटी (आंख, कान और गला) विशेशज्ञ हैं। 64 साल के हर्षवर्धन का दिनचर्या भले ही बेहद व्यस्त हो, लेकिन वह अपनी फिटनेस का पूरा ख्याल रखते हैं। अपनी सेहत बढ़िया रखने के लिए वह नियमित साइकलिंग, योग और कसरत करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइकलिंग बोरिंग न लगे, इसके लिए हर्षवर्धन हर रोज अलग अलग रूट पर जाते हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि वह तीस हजारी मार्ग स्थित अपने आवास से करीब 6 किमी दूर स्थित बीजेपी हेडक्वॉर्टर साइकिल से जाते हैं। इसके अलावा, वह अपने घर से जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम की दूरी भी साइकिल से नापते हैं। केंद्रीय मंत्री कभी-कभी लोधी गार्डर या अपने सरकारी आवास के लॉन में भी देर रात टहलते हैं।