अश्वगंधा एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है, जिसके पत्ते, जड़ और पूरा पौधा औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। ये पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं जो दर्द, सूजन, कमजोरी और मोटापा का इलाज करने में असरदार साबित होते हैं। अश्वगंधा के पत्तों का आयुर्वेद में सदियों से प्रयोग किया जाता रहा है। ये पत्ते सूजन और दर्द को कंट्रोल करने में असरदार साबित होते हैं। अश्वगंधा के पत्तों को उबालकर गर्म सिकाई करने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम मिलता है।
कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि अश्वगंधा के पत्तों में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो फैट बर्निंग और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड कम करके, आयुर्वेदिक डाइट अपनाकर, प्राणायाम के साथ ही अश्वगंधा के पत्तों का सेवन किया जाए, तो वजन घटाने में बहुत मदद मिल सकती है। अश्वगंधा की दो प्रजातियां होती हैं, एक खेती की और एक जंगली। दोनों के पत्ते औषधी के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जड़ का उपयोग दवाइयों में किया जाता है, जबकि पत्तों का सेवन मोटापा, सूजन और मानसिक तनाव में फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक ये पत्ते दिल की सेहत में सुधार करते हैं। ये दिल को ताकत देते हैं और दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। दिमाग की कमजोरी, तनाव, नींद न आना और मानसिक थकान में भी अश्वगंधा बेहद प्रभावी माना जाता है। आयुर्वेद में अश्वगंधारिष्ट, अश्वगंधा चूर्ण, मेधा क्वाथ जैसी कई दवाइयों में इसका उपयोग किया जाता है। इन पत्तों का सेवन पानी में उबाल कर किया जाए तो बॉडी को अनगिनत फायदे होते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि अश्वगंधा का सेवन करने से बॉडी को कौन-कौन से फायदे होते हैं।
सूजन और दर्द में मिलती है राहत
अश्वगंधा के पत्तों को पानी में उबालकर उनसे चोट या सूजन वाली जगह की गर्म सिकाई करने पर सूजन धीरे-धीरे कम होती है और दर्द में तेजी से राहत मिलती है। ये पत्ते मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द को शांत करने में भी बेहद प्रभावी माने जाते हैं। इसके नियमित उपयोग से उस जगह पर रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे हीलिंग प्रक्रिया और भी तेज हो जाती है।
वजन घटाने में है मददगार
अश्वगंधा के पत्तों का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे शरीर में फैट बर्निंग की प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। इम्यूनिटी को मजबूत करने वाले ये पत्ते हार्मोनल बैलेंस सुधारते हैं और वजन बढ़ने से भी रोकते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से कम होती है और ऊर्जा स्तर भी बेहतर होता हैं, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया और प्रभावी बन जाती है।
दिल के लिए है जरूरी
अश्वगंधा के पत्तों को अर्जुन की छाल के साथ सेवन करने पर ये हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है और दिल के कार्य को बेहतर बनाता है। दोनों ही औषधियां मिलकर रक्त प्रवाह सुधारती हैं, हृदय पर पड़ने वाले तनाव को कम करती हैं और धड़कन को संतुलित रखने में मदद करती हैं। ये कॉम्बिनेशन दिल की कमजोरी, थकान और हल्की छाती की जकड़न जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है।
अश्वगंधा के पत्तों का नियमित सेवन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। यह नसों को शांत करता है, रक्त वाहिनियों को मजबूत करता है और ऑक्सीजन सप्लाई को बढ़ाता है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से थकान कम होती है, दिल का कार्य सुचारू रहता है और पूरे शरीर में एनर्जी का स्तर बूस्ट होता है।
दिमाग को देता है ताकत
ये पत्ते मानसिक तनाव को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी माने जाते हैं। इनके नियमित सेवन से थकान, चिंता और बेचैनी कम होती है। अश्वगंधा शरीर में कोर्टिसोल (Stress Hormone) के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है। इससे दिमाग शांत रहता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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