यूरिक एसिड एक तरह का केमिकल है, जो शरीर में प्यूरीन नामक प्रोटीन के ब्रेकडाउन से बनता है। वैसे तो अधिकतर यूरिक एसिड किडनी द्वारा फिल्टर होने के बाद मूत्र मार्ग के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब बॉडी में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है तो किडनी भी इसे फिल्टर करने में सक्षम नहीं रह पाती। जिसके कारण यूरिक एसिड क्रिस्टल्स के रूप में टूटकर हड्डियों के बीच इक्ट्ठा होने लगता है। इसके कारण जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी की तरह की समस्याएं होने लगती है।

हाई यूरिक एसिड के कारण अक्सर दिल से संबंधी बीमारियां, किडनी फेलियर और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यूरिक एसिड को कंट्रोल करना बेहद ही जरूरी है। हाई यूरिक एसिड को मेडिकल टर्म में हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके बॉडी में यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए जामुन बेहद ही कारगर है।

जामुन: रिसर्च की मानें तो हाई यूरिक एसिड के कारण व्यक्ति की उम्र 11 साल तक कम हो जाती है। विटामिन बी12 और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर जामुन यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। यूरिक एसिड की समस्या से परेशान लोगों को प्रतिदिन सुबह जामुन का सेवन करना चाहिए। जामुन ना सिर्फ हाई यूरिक एसिड बल्कि सर्दी-जुकाम और एसिडिटी की समस्या को भी दूर करता है।

सेब का सिरका: जामुन के अलावा हाई यूरिक एसिड की समस्या से निजात दिलाने में सेब का सिरका बेहद ही कारगर है। इसके लिए एक गिलास पानी में 3 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पिएं। रोजाना 3 से 4 बार सेब का सिरके का सेवन करने से आपको यूरिक एसिड को कम करने में मदद मिल सकती है।

चेरी: चेरी बॉडी में मौजूद यूरिक एसिड को बेअसर करती है। यह जोड़ों में होने वाले दर्द और सूजन को भी कम करने में लाभदायक साबित हो सकती है। चेरी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण, जिन्हें एंथोसायनिन के रूप में जाना जाता है, यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है।