बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय ने साल 1994 में मिस वर्ल्ड का ताज पहना था, लेकिन उससे लगभग दो साल पहले वह आमिर खान के साथ एक पेप्सी ऐड में नजर आई थीं, जो काफी वायरल भी हुआ था। इन दोनों स्टार्स के साथ महिमा चौधरी भी उस ऐड का हिस्सा रही थीं। अब हाल ही में इस विज्ञापन के निर्देशक फिल्ममेकर प्रह्लाद कक्कड़ ने अपने उस पेप्सी ऐड से जुड़ी कई चीजें शेयर की है। डायरेक्टर ने बताया कि कैसे उन्होंने तीनों को चुना, जो आगे चलकर बड़े सितारे बने।
इस वजह से चुने गए आमिर
प्रह्लाद कक्कड़ ने हाल ही में बॉम्बे टाइम्स के साथ बात करते हुए बताया, “मैंने महिमा को छोड़कर बाकी एक्टर्स को चुना, उन्हें एजेंसी ने चुना था।” फिर जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आमिर को क्यों चुना, तो डायरेक्टर ने कहा, “मैंने आमिर की फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ देखी थी और वह इस रोल के लिए एकदम सही थे।
उनकी पहले से ही एक छवि थी साफ-सुथरे अच्छे इंसान की, जिसका कोई बुरा इरादा नहीं थ। ऑडियंस ने उन्हें वैसे ही अपना लिया था और 30-60 सेकंड के कमर्शियल में आप किसी किरदार को शुरुआत से नहीं गढ़ सकते। आमिर के साथ मेरे पास पहले से बनी-बनाई पर्सनैलिटी थी, जिस पर मैं काम कर सकता था।”
इसके अलावा उन्होंने आगे बताया कि उनको इस रोल के लिए शाहरुख खान और आमिर खान में से किसी एक को चुनने का ऑप्शन था, लेकिन आमिर ही ज्यादा भरोसेमंद चॉइस थे। डायरेक्टर ने बताया, “मुझे शाहरुख पसंद हैं, लेकिन वह कैरेक्टर नहीं थे। उन्हें वह कैरेक्टर निभाना पड़ता। आमिर के पास पहले से ही लेगेसी थी, लोग स्वाभाविक रूप से मान लेंगे कि यह उनके ‘कयामत से कयामत तक’ वाली पर्सनैलिटी का एक्सटेंशन था।”
आमिर के अलावा ऐश्वर्या राय ने उस ऐड में अपनी चार सेकंड की अपीयरेंस और बिना किसी एक्टिंग या ऐड एक्सपीरियंस के सबको चौंका दिया था। उस समय वह रातों-रात ‘पेप्सी गर्ल’ बन गईं। उन्हें चुनने के बारे में बात करते हुए कक्कड़ ने कहा, “मुझे उन पर काम करना पड़ा, क्योंकि वह पूरी तरह से रॉ थीं। उन्होंने पहले कुछ नहीं किया था।”
डायरेक्टर ने आगे कहा, “वह बिल्कुल नई थीं, उनमें एक मासूमियत थी। वह फ्रेम में आती हैं, थोड़ा स्टाइल से खड़ी होती हैं और कहती हैं कि हाय, आई एम संजू… एक और पेप्सी मिलेगी। उनकी बॉडी लैंग्वेज ऐसी थी कि आमिर के लिए ‘ना’ कहना मुश्किल हो जाए और यह सब दिखाने के लिए कुछ अलग से समझाया भी नहीं गया, यह अपने-आप हो गया।” डायरेक्टर ने बताया कि उन्हें ऐश्वर्या को ढूंढने में कितना समय लगा। उन्होंने कहा, “हमें ऐश्वर्या को ढूंढने में चार महीने लगे, जब वह मिल गईं तो मुझे उन पर काम करना पड़ा। इसमें मुझे लगभग 18 टेक लगे।”
यह ऐश्वर्या का पहला ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, इसलिए शूटिंग के दौरान वह थोड़ी असमंजस में भी थीं। डायरेक्टर ने बताया, “शूटिंग के बीच में वह मेरी तरफ मुड़ी और बोलीं कि मैं यह नहीं कर सकती, यह नहीं हो रहा है। फिर मैं उनको एक तरफ ले गया और एक खास तरीके से सोचने में मदद करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं नहीं कर सकती, क्योंकि मैंने इसका एक्सपीरियंस नहीं किया है। मेरा कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा। मैं किसी आदमी के सामने कैसे जाऊं और एक वुमन की तरह कैसे बिहेव करूं।” हालांकि, बाद में उन्होंने इस ऐड में काम किया और स्टार बन गईं।
