थलापति इन दिनों अपनी आखिरी फिल्म को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। सुपरस्टार घोषणा कर चुके हैं कि इस मूवी के बाद वह पूरी तरह से राजनीति पर फोकस करेंगे, और फिल्मी प्रोजेक्ट्स से दूरी बना लेंगे। बता दें कि फिलहाल वह एक्टिंग के साथ ही राजनीति में भी एक्टिव हैं, लेकिन उनकी लास्ट फिल्म को विवादों का सामना करना पड़ रहा है। मामला इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि एक्टर को कोर्ट से भी फिल्म को लेकर कोई राहत नहीं मिली है, क्योंकि कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें बड़ा झटका दिया है।

विजय की आखिरी फिल्म की रिलीज लगातार टलती जा रही है। पहले उन्हें सेंसर बोर्ड की ओर से सर्टिफिकेट नहीं मिला, और इसके बाद अब मामला कोर्ट पहुंच चुका है। हाई कोर्ट से तुरंत राहत ना मिलने के बाद अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट में राहत की उम्मीद से अपील की थी, जिसकी सुनवाई गुरुवार को हुई और सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ा झटका भी लगा।

‘जन नायकन’ फिल्म पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

थलापति विजय को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई में कहा इस केस की सुनवाई 20 जनवरी को हाई कोर्ट में लिस्टेड है, और उसी दिन इस पर फैसला सुनाया जाएगा। बता दें कि सुपरस्टार ने अपनी याचिका में फिल्म को ए सर्टिफिकेट देने के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में एक्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए जी मसीह की बेंच ने दिया है। इस निर्देश के बाद साफ हो गया है कि मामले की अगली सुनवाई में ही कोई फैसला आएगा। बता दें कि केस के सिलसिले में सुनवाई 19 जनवरी को होनी थी, लेकिन बाद में 15 जनवरी को सुनवाई हुई।

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जानकारी के लिए बता दें विजय की फिल्म को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली थी। ऐसे में उनके पास सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का रास्ता खुला था, लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद एक्टर की यह उम्मीद भी खत्म हो गई। 15 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद यह साफ हो गया है कि विजय को अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई का इंतजार करना होगा, और उस दिन आया फैसला ही अब निर्णायक रहेगा।