धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाली हस्तियों में सायरा बानो भी शामिल थीं। धर्मेंद्र और सायरा ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया था। इसके साथ ही दिलीप कुमार के साथ भी ही-मैन का गहरा नाता था। अब धर्मेंद्र के जाने के बाद सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर कई यादगार तस्वीरें शेयर की हैं और साथ में खूबसूरत नोट भी लिखा है।
सायरा बानो ने पांच तस्वीरें शेयर की हैं। पहली तस्वीर में वो धर्मेंद्र के साथ नजर आ रही हैं और ये उनकी फिल्म का कोई सीन है। दूसरी तस्वीर भी दोनों के किसी फिल्म की है। तीसरी तस्वीर भी उनकी है और चौथी में धर्मेंद्र, दिलीप कुमार के साथ नजर आ रहे हैं। आखिरी तस्वीर में सायरा बानो, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र, रानी मुखर्जी, माधुरी दीक्षित और अनु मलिक नजर आ रहे हैं।
इस खूबसूरत यादगार तस्वीरों के साथ धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए सायरा ने लिखा है, “धरम जी का निधन ऐसा लगता है मानो हमारे साझा सिनेमाई और निजी इतिहास का एक अध्याय धीरे से अपने पन्ने बंद कर गया हो, और पीछे छोड़ गया एक ऐसी गर्मजोशी जो आज के भागदौड़ भरे दौर में दुर्लभ है। मेरे लिए, यह क्षति सिर्फ एक सहकर्मी की नहीं है, बल्कि वे मेरे प्रिय यूसुफ साहब के धरम थे।”\
ये भी पढ़ें: ‘हमारे लिए मंदिर है’ रात को पीते थे शराब और सुबह उठकर वर्जिश करते थे धर्मेंद्र, घर में ही खोल रखा था जिम
उन्होंने आगे लिखा, “मैं अक्सर उस कहानी पर लौटती हूं जो उन्होंने अनगिनत बार सुनाई थी, एक ऐसे व्यक्ति की मासूमियत और आश्चर्य के साथ जिसने कभी अपनी विनम्रता नहीं खोई। 1952 में, लुधियाना का एक युवा लड़का, जो फिल्म ‘शहीद’ से दिल से प्रभावित था, केवल एक ही सपने के साथ बॉम्बे के लिए निकल पड़ा: उस अभिनेता से मिलने का जिसने उसके दिमाग पर गहरा प्रभाव डाला था। बांद्रा में पाली हिल की ओर जाते हुए उसका दिल श्रद्धा से धड़क रहा था, क्योंकि दिलीप साहब वहीं रहते थे। केवल युवाओं में ही दिखाए जाने वाले साहस के साथ, वह बिना किसी को रोके घर में दाखिल हुआ। और वहां उसने यूसुफ साहब को सोफे पर गहरी नींद में सोते हुए पाया, दोपहर का सूरज उसके चेहरे पर धीरे-धीरे पड़ रहा था। धरम विस्मय में जम गए जब तक कि यूसुफ साहब जाग नहीं गए और बेचारा लड़का, अपनी ही निर्भीकता से भयभीत होकर, एक चौंके हुए हिरण की तेजी से घर से बाहर भाग गया।”
यह भी पढें: धर्मेंद्र की नाजुक हालत देखकर टूट गए थे सनी देओल: अमीषा पटेल ने परिवार के सबसे मुश्किल वक्त को किया याद
“छह साल बाद, नियति ने उन्हें फिर से एक साथ ला दिया, इस बार फिल्मफेयर टैलेंट हंट के ज़रिए। यह मुलाकात साहिब की छोटी बहन फरीदा ने तय की थी, जो फेमिना के साथ काम करती थीं, और यहीं युवा धर्मेंद्र की मुलाकात उस शख्स से हुई जिसे वे अपना आदर्श मानते थे, किसी दूर के सितारे की तरह नहीं, बल्कि एक बड़े भाई की तरह जिसकी आंखों में गर्मजोशी, ज्ञान और एक अनोखी सौम्यता थी। यूसुफ साहब ने उनसे अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू के उस स्नेही मिश्रण में बात की जिसे सिर्फ वे ही शायरी की तरह सुना सकते थे। ठंडी शाम थी, और विदा लेने से पहले, उन्होंने अपना स्वेटर उतारकर उस युवा आकांक्षी के कंधों पर डाल दिया। शुद्ध स्नेह से वह सरल भाव, जीवन भर के बंधन का पहला धागा बन गया।”
यह भी पढ़ें: सनी, बॉबी से खफा हुए धर्मेंद्र के फैंस, अंतिम दर्शन नहीं मिला तो फूट-फूटकर रोईं महिलाएं
धर्मेंद्र का दिलीप कुमार से नाता बेहद खास था। वो हमेशा से उनके जैसा बनना चाहते थे। इस साल भी दिलीप कुमार की पुण्यतिथि पर उन्होंने भावभीनी श्रद्धांजलि दी थी। दिलीप कुमार के साथ तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, “आज का दिन कितना गमनाक और मनहूस है। आज के दिन मेरे बहुत प्यारे भाई आप सबके चहेते अदाकार, फिल्म इंडस्ट्री के खुदा, एक नेक और महान इंसान…दिलीप साहब हमें हमेशा के लिए छोड़कर चले गए थे। ये सदमा बर्दाश्त तो ना होगा तसल्ली दे लेता हूं कि वो कहीं आसपास ही हैं।”
