Punya Prasun Bajpai: वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा। सरकार पर बिफरते हुए बाजपेयी ने तेल के बढ़ते दामों पर अपना गुस्सा जाहिर किया। बाजपेयी ने अपने एक पोस्ट में पीएम मोदी पर गुस्साते हुए कहा- ‘ना जनता से सरोकार, ना जनता की फ़िक्र। तेल के नाम पर जनता का तेल निकालती सरकार।’

बाजपेयी यहीं नहीं रुकते वह आगे कहते हैं- तेल से कमाई का गणित समझ लीजिए। तंज करते हुए बाजपेयी कहते हैं- दोस्तों दिल्ली के बीचों बीच अगर आपको मुफ्त में एक बंगला दे दिया जाए, साथ में गाड़ी भी दे दी जाए, और ऐसी व्यवस्था भी कर दी जाए कि हर 10 दिन बाद आप हवाई जहाज से यात्रा भी कर सकते हैं। देश के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं। आपसे पैसा नहीं लिया जाएगा।’

बाजपेयी आगे कहते हैं- ‘अगर आपकी पत्नी दिल्ली से बाहर रहती है तो वह हर डेढ़ महीने में दिल्ली आ सकती है हवाई यात्रा कर के। उससे भी पैसा नहीं लिया जाएगा। और अगर वो रेल से सफर करती है और आप भी रेल से सफर करते हैं तो कभी भी देश के किसी भी हिस्से में आप कभी भी जा सकते हैं, एसी फर्स्ट क्लास में। बिजली पानी मुफ्त और तो और आपके घर के सोफे के कवर औऱ पर्दे भी हर तीन महीने में बदल दिए जाएंगे।’ ऐसे ही एक कवि सम्मेलन के दौरान कुमार विश्वास पीएम मोदी पर तंज करते दिखे थे।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने आगे कहा- ‘इन तमाम चीजों के साथ जो आपके पास गाड़ी होगी और उसमें पेट्रोल भराएंगे, उसकी कीमत प्रति किलोमीटर 16 रु हम ही आपको देंगे। इसके बाद भी आपसे पूछा जाए कि देश में मेहंगाई है क्या तो आप कहेंगे कौन सी मेहंगाई?’ रामचरितमानस की दो चौपाइयां सुनाओ- लाइव डिबेट में ‘चंदा चोर’ कह कांग्रेस नेता ने किया गौरव भाटिया को चैलेंज

बाजपेयी आगे बताते हैं- ‘एक ऐवरेज 5-6 साल का जब निकाला गया तो पता चला कि एक सांसद एक दिन में 40 किमी मिनिमम चलता है। मतलब 16 रुपए के हिसाब से उसको पेमेंट होता है। यानी 640 रुपए प्रति दिन उसको पेट्रोल की कीमत दे दी जाती है। इस देश में 543 लोकसभा के सांसद हैं। यानी 3 लाख 47 हजार 5 सौ बीस का खर्च।’

पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस पोस्ट को देख कर ढेरों लोगों के रिएक्शन सामने आने लगे। अश्विनी नाम के एक यूजर ने कहा- ‘प्रसून भाई कभी शराब से होने वाली सरकार की कमाई का भी विश्लेषण करिये।’ रवीश नाम के अकाउंट से कमेंट सामने आया- ‘घर-घर नाली घर-घर गैस, जिसकी लाठी उसकी भैंस, बनेगा पकौड़ा, बनेगी चाय, स्कूल कॉलेज भाड़ में जाए। आम आदमी से मन की बात, उद्योगपति से धन की बात। वाह रे शासन तेरा खेल, न्याय मांगे तो होगी जेल।’

विनय नाम के यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘पकौड़ा योजना भी हो गया फेल। 200 के पार हो गया है अब सरसों का तेल।’ मान्या नाम की महिला बोलीं- महोदय इस देस के संसाधनों पर सिर्फ देश के नेताओं औऱ पूंजीपतियों का हक है! हम आम जनता सिर्फ वोट और टैक्स देने का अधिकार रखते हैं।’