बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर इन दिनों अपनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर चर्चा में हैं। देश भर में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है। एक वर्ग इस फिल्म की तारीफ कर रहा है, जिसमें खुद प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं। वहीं दूसरा वर्ग इसे प्रोपगेंडा करार दे रहा है। सोशल मीडिया पर फिल्म के किरदारों के पुराने ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं।

अनुपम खेर के पुराने ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह लिखते हैं, ‘ऐसा नहीं है कि अनुपम खेर ने आज से 7-8 साल पहले हिन्दू मुस्लिम समानता वाला कोई एकाध ट्वीट ग़लती से कर दिया हो। बहुत से ऐसे ट्वीट्स हैं जो उनके तब के सेकुलर विचारधारा को बताते हैं। पटकथा में परिवर्तन तो बाद में शुरू हुआ। वैसे दिमाग़ी चिप में बदलाव पर एक बेहतरीन फ़िल्म बन सकती है!’

इसी ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम लिखते हैं कि ये तो आप ही थे न अनुपम खेर साहब? आपके ही ट्वीट हैं न सारे? 2014 के बाद अपना सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों बदल लिया?

वहीं, नेहा सिंह नाम की एक यूजर अनुपम खेर के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखती हैं कि ये वाली ट्वीट अभी के संदर्भ में लगती है, संसद तक में नेता मूवी का प्रचार करने में लगे हैं अपनी रोटियां सेंकने को…

अनुपम खेर पर सवाल उठाते हुए एक यूजर अब्दुल ने लिखा, “मुझे ये समझ नहीं आता कि ऐसी मूवी अनुपम खेर ने 90 के दशक में या फिर 2000 या उसके बाद क्यों नहीं बनाई। तब वो गद्दार शाहरुख की दिलवाले दुल्हनिया, मोहब्बतें, कुछ कुछ होता है आदि में पागलपंती कर रहे थेय… ये घटना तो 90 की है, अभी ये फिल्म लाकर क्या अनुपम खेर किसी एजेंडा को बढ़ा रहे हैं?”

तो वहीं अनुपम खेर के समर्थन में ट्वीट करते हुए मुकुल देव नाम के यूजर ने लिखा कि तो @AnupamPKher अब कौन सा #मुस्लिमों के खिलाफ बोलते हैं, जो घटित हुआ है उस पर बोलना गलत क्यों है? क्यों तुम लोग इतने बैचेन हो उठे कि पुराने ट्वीट निकाल उनको निशाना बना रहे हो ताकि वे चुप हो जाएं, जब बात आतंकियों की आती है तो तुम लोगों को क्यों लगता है कि ये मुस्लिमों के खिलाफ है?

पुष्पेंद्र पाठक नाम के एक यूजर लिखते हैं कि सही है गुजरात फाइल्स भी बननी चाहिए, लेकिन शुरुआत एक MLA के द्वारा किस तरह एक ट्रेन को जलाया गया पेट्रोल डालकर…ये भी दिखाना होगा। गुजरात दंगा एक प्रतिक्रिया का प्रत्युत्तर था। लेकिन कश्मीर में कोई प्रतिक्रिया का उत्तर नहीं था।

बता दें कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए नरसंहार और पलायन पर आधारित फिल्म है। विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ की पूरे देश में जमकर तारीफ हो रही है। बीते मंगलवार 15 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काफी तारीफ की थी।