गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के हालिया सांप्रदायिक बयानों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सुपरस्टार्स का उदाहरण देते हुए फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव के दावों को सिरे से खारिज किया।

आईएएनएस से बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा, “यह वही देश है जहां के सबसे बड़े सुपरस्टार सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान हैं। हमारे सबसे प्रतिष्ठित लेखक और कवि जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी और मजरूह सुल्तानपुरी रहे हैं। यही नहीं, भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी भी मोहम्मद अजहरुद्दीन कर चुके हैं। मुझे नहीं लगता कि हमारी इंडस्ट्री में किसी तरह का भेदभाव है।”

उन्होंने आगे कहा, “किसी भी हिंदी फिल्म के ओपनिंग और एंड क्रेडिट्स ध्यान से पढ़िए। वहां आपको करीब 250 लोगों के नाम मिलेंगे। अगर आप गौर से देखेंगे तो एक साफ पैटर्न नजर आएगा। मैं खुले तौर पर किसी को भी चुनौती देता हूं कि वह कोई भी फिल्म उठाकर दिखा दे, जहां किसी एक धर्म को खास तवज्जो दी गई हो और बाकी को नजरअंदाज किया गया हो। ऐसा आपको कभी नहीं मिलेगा।”

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मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के बयान पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वे रहमान का दिल से सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी बातों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम एआर रहमान का बेहद सम्मान करते हैं और इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि वह हमारे देश से हैं। लेकिन पूरे सम्मान के साथ हमें असहमति जताने का भी अधिकार है। मैं किए जा रहे दावे से पूरी तरह असहमत हूं, खासकर इस बात से कि पिछले आठ सालों में कुछ बदल गया है। मुझे समझ नहीं आता कि इस खास समय-सीमा को ही क्यों बार-बार रेखांकित किया जा रहा है।”

गीतकार ने आगे कहा, “पिछले आठ सालों में ही पठान और जवान जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह देश दिल और आत्मा से बहुत बड़ा है। यह अपने कलाकारों को जज नहीं करता, बल्कि उनसे प्यार करता है। अगर आप अच्छा काम करते हैं तो लोग आपको कंधों पर बिठा लेते हैं। कभी-कभी नाराज़ भी हो जाते हैं, डांट भी देते हैं, लेकिन वह नज़दीकी प्यार से ही आती है। यही इस देश और इसके कलाकारों का रिश्ता है। किसी भी प्रकार का भेदभाव, किसी भी स्तर पर मैं उसे मानने से इनकार करता हूं। हमारी पहचान ही समावेशिता है।”

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गौरतलब है कि एआर रहमान पिछले कुछ समय से सुर्खियों में हैं, जब उन्होंने यह कहा था कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनका काम कम हो गया है, जिसके पीछे उन्होंने ‘पावर शिफ्ट’ और ‘सांप्रदायिक’ राजनीति को जिम्मेदार ठहराया था। इन बयानों को लेकर कड़ी आलोचना के बाद एआर रहमान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो संदेश शेयर कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था और अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो उन्हें इसका खेद है।