बॉलीवुड के फेमस निर्माता-निर्देशक करण जौहर फिल्मों के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। बीते साल उन्होंने जबरदस्त वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। फिल्ममेकर का बदला लुक देखकर बहुत से लोगों ने यह दावा किया कहा कि वह ओज़ेम्पिक का इस्तेमाल करके अपना वजन कम कर रहे हैं, लेकिन करण ने हर बार इन अफवाहों को खारिज किया।

अब हाल ही में एक बार फिर एक पॉडकास्ट में करण जौहर ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के दिनों में अलग-अलग डाइट आजमाने की बात भी बताई और खुलासा किया कि उस समय उनकी मां हीरू जौहर उन्हें मोटा और भारी-भरकम कहा करती थीं।

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वजन कम करने को लेकर करण ने की बात

मान्यवर के साथ बात करते हुए करण जौहर ने माना कि वजन घटाना आसान हो सकता है, लेकिन उनके पेशे की वजह से उनके लिए यह मुश्किल रहा। फिल्ममेकर ने कहा, “अगर आप अपनी लाइफ को एक तय नियम में ढाल लें तो सब कुछ आसान हो जाता है। हालांकि, हमारी नौकरी में ऐसा हो पाना मुश्किल है, खासकर मेरे काम में। हमारे लिए न तो वीकेंड होते हैं और न ही नेशनल हॉलिडे, सब कुछ बहुत अनियमित होता है। हर कोई तनाव में मुझे कॉल करता रहता है। अगर मैं तीन घंटे तक काम से जुड़े मैसेज या कॉल का जवाब न दूं, तो लोग कहते हैं कि तुरंत फोन करो।”

करण की मां कहती थीं ये बात

फिल्ममेकर ने याद किया कि जहां उनके पिता यश जौहर हमेशा उनका साथ देते थे और चाहते थे कि वह एक्टर बनें, वहीं उनकी मां हीरू जौहर उनके लुक्स को लेकर साफ-साफ बोलती थीं। करण ने कहा, “मेरे पापा मुझे लेकर भ्रम में रहते थे। उन्हें लगता था कि यह सिर्फ बेबी फैट है, चला जाएगा वह बहुत हैंडसम है।

लेकिन मेरी मां इससे असहमत रहती थीं और कहती थीं कि यश, तुम क्या कह रहे हो? वह बहुत मोटा है, बहुत बड़ा है। पापा चाहते थे कि मैं हीरो बनूं और मां आंखें घुमा कर कहती थीं कि वह इसके काबिल नहीं है और न ही उसे हीरो बनना चाहिए। वह हमेशा मुझे सच बताती थीं। पंजाबी मां हमेशा भ्रम में नहीं रहतीं।”

कॉलेज जाकर बदली सोच

करण ने आगे कहा, “जब मैंने पहली बार वजन कम करने का फैसला किया, वह समय था जब मुझे कॉलेज जाना था और रंगीन कपड़े पहनने थे। मुझे एहसास हुआ कि आप स्कूल में यूनिफॉर्म में घुल-मिल जाते हैं, तो उतना पता नहीं चलता, लेकिन कॉलेज पहुंचकर मैंने देखा कि वहां हर कोई मुझसे काफी पतला है। यह बात कहीं न कहीं मुझे अंदर से हिला गई।”

करण ने आगे बताया, “मैंने पहले कई बार जनरल मोटर्स डाइट की है। एक बार मैंने इसे पूरे एक महीने तक किया और बीमार पड़ गया। इसके अलावा मैंने एटकिन्स डाइट भी की थी। मुझे आज भी याद है कॉलेज में अकाउंट्स की क्लास के दौरान मैं बेहोश हो गया था, क्योंकि मैं इस डाइट पर था। उसी दिन मैंने डाइट बंद कर दी।

मेरी मां ने उस डाइट पर पूरी तरह रोक लगा दी, उन्हें पहले पता भी नहीं था कि मैं यह कर रहा हूं। यह पूरी तरह हाई प्रोटीन डाइट थी, सिर्फ प्रोटीन। आप 9 अंडों और चीज का ऑमलेट खा सकते थे, लेकिन न ब्रेड, न कुछ और। फ्राइड चिकन खा सकते थे, लेकिन यह डाइट बहुत ज्यादा सख्त थी।”

बातचीत के दौरान करण जौहर ने वजन घटाने के लिए ओज़ेम्पिक लेने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा, “लोगों को लगता है कि मैंने ओज़ेम्पिक या ऐसा कुछ लिया है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। असल में जब मैं विवामायर (एक मेडिकल हेल्थ रिसॉर्ट) गया, तब मुझे कुछ इनटॉलरेंस के बारे में पता चला।

जब मैं दोबारा गया और मैंने काइनेसियोलॉजी टेस्ट कराया, तो मुझे पता चला कि मुझे ग्लूटेन और लैक्टोज से बहुत ज्यादा एलर्जी है। मुझे खुद इसका एहसास नहीं था… मैं रोटी खा रहा था, चावल नहीं। जबकि सच्चाई यह है कि चावल और आलू मेरे लिए ज्यादा ठीक हैं।”

लास्ट में करण जौहर ने कहा, “मेरे थायरॉयड लेवल पूरी तरह गड़बड़ थे, इसलिए मुझे थायरॉयड की दवा दी गई। मुझे पहले पता ही नहीं था कि मुझे कोई समस्या है। मैं हमेशा सोचता था कि मैं वजन घटाने की पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन फिर भी कुछ हो नहीं रहा। अब मैंने ग्लूटेन पूरी तरह छोड़ दिया है… जैसे बादाम का दूध मुझे बहुत सूट करता है।

मैंने चीनी भी छोड़ दी है। इससे और थायराइड की दवा की वजह से वजन अपने आप कम होने लगा। अब मुझे वर्कआउट शुरू करने की जरूरत है। फिलहाल मैं तैराकी करता हूं और पैडल बॉल खेलता हूं। पहले मैं मन्नत में भी खेला करता था।”

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