दिग्गज अभिनेता और बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का 24 नवंबर को निधन हो गया है। वह अपनी फिल्मों के जरिए अपने फैंस को अनगिनत यादें छोड़ गए हैं। धर्मेंद्र के जाने से उनका परिवार अधूरा रह गया है। वह अपने बच्चों से और उनके बच्चे उनसे बहुत प्यार करते थे। एक पुरानी बातचीत में, धर्मेंद्र ने अपने बच्चों, सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल, अजीता देओल, ईशा देओल के बारे में बात की थी और बताया था कि कैसे उन्होंने कभी उनके बीच कोई भेदभाव नहीं किया।
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सोनिल देढिया से बात करते हुए धर्मेंद्र ने कहा था, “मैंने अपने बच्चों में कभी कोई भेदभाव नहीं किया। मैं सभी से प्यार करता हूं। जरा सोचिए, जो इंसान सभी से प्यार करता है, वह अपने बच्चों का कैसा पिता होगा। वे मेरे लाडले हैं।”
सनी और बॉबी देओल ने कई बार धर्मेंद्र के स्ट्रिक्ट पिता होने की बात कही है, लेकिन बातचीत के दौरान धर्मेंद्र ने स्वीकार किया कि उनके अपने पिता उनसे भी ज्यादा स्ट्रिक्ट थे। “मेरे पिता जितना मैं मेरे बच्चों के साथ हूं, मुझसे भी ज़्यादा सख्त थे, लेकिन इसी वजह से मैं आज जो हूं, वो हूं। मुझे याद है मैं चौथी कक्षा में था और सर्दी का मौसम था। मैं अपने पिता के बगल में सोना चाहता था, इसलिए मैंने अपनी मां से कहा। मेरे पिता ने मुझे बुलाया और अपनी गोद में ले लिया और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। अचानक, उन्होंने मुझसे गणित के पहाड़े सुनाने को कहा! मैं तो डर के मारे मर गया। मैंने अपनी मां की तरफ देखा और उनसे कहने लगा कि प्लीज मुझे यहां से निकाल दो।”
बाप-बेटे के रिश्ते के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा था, “एक पिता और उसके बेटे का रिश्ता अविश्वसनीय होता है। मुझे नहीं लगता कि एक पिता अपने बेटे को जितना प्यार देता है, उससे बढ़कर कोई और हो सकता है। मां हमेशा अपने बेटे की रक्षा करती है, लेकिन एक पिता हमेशा उसकी चिंता करता है।”
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धर्मेंद्र ने माना था कि वह अपने पिता को अभिनेता बनने की अपनी महत्वाकांक्षा के बारे में बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाए, लेकिन उनकी मां ने उनके सपनों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, “मेरे पिता एक स्कूल टीचर थे। जब मैंने अपनी मां को बताया कि मैं अभिनेता बनना चाहता हूं, तो शुरू में तो वह चौंक गईं। मुझे सिनेमा ने बहुत आकर्षित किया था। जब उन्हें एहसास हुआ कि यह मेरे लिए कितना मायने रखता है, तो वह मान गईं। उन्होंने मुझे बॉम्बे के निर्देशकों को आवेदन भेजने के लिए कहा-वह इतनी मासूम थीं कि उन्हें लगा कि कोई भी स्टार बनने के लिए आवेदन कर सकता है।” इसके बाद धर्मेंद्र फिल्मफेयर मैगजीन कॉन्टेस्ट के एक टैलेंट सर्च में चुने गए। उन्होंने बताया, “मुझे स्क्रीन टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और फिर मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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बेटों के बारे में कही थी ये बात
आगे उन्होंने कहा था, “काश सनी और बॉबी मेरे साथ ज्यादा समय बिताते।” एशियन पेंट्स की ‘हर घर कुछ कहता है’ सीरीज़ के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, धर्मेंद्र ने बताया था कि काश उनके बेटे- सनी और बॉबी उनके साथ ज्यादा समय बिताते। उन्होंने स्वीकार किया कि जब वह इंडस्ट्री के शीर्ष अभिनेता थे, तब उनके माता-पिता भी यही महसूस करते थे। उन्होंने कहा, “सनी और बॉबी मुझसे डरते हैं। मैं चाहता हूं कि वे मेरे साथ बैठकर बातें करें। आज मुझे लगता है कि काश मेरे पिता मेरे दोस्त होते, तो कितना अच्छा होता।”
अपने माता-पिता की यादों के बारे में बात करते हुए, धर्मेंद्र ने कहा था, “मेरे पिता जी सिर पर हाथ रखे बैठे रहते थे। मैं उनसे पूछता था कि उन्हें किसी चीज की जरूरत तो नहीं है, लेकिन वे मुझसे कहते थे, ‘मेरे पास सब कुछ है – नौकर-चाकर, बंगला – मुझे किसी चीज की जरूरत नहीं है, लेकिन तुम कोशिश करो कि शूटिंग से जल्दी आ जाओ और कुछ देर मेरे साथ बैठो।’ लेकिन मैं उन्हें गले लगाता और फिर चला जाता था। जब मैं शूटिंग से लौटता, तो अपनी मां को उसी मुद्रा में बैठा देखता और वह भी मुझे वही जवाब देतीं। उन्हें मेरे साथ की जरूरत थी। वे चाहते थे कि मैं उनके प्रति वैसा ही स्नेह दिखाऊँ जैसा उन्होंने बचपन में दिखाया था। अब मैं अपने बच्चों के साथ भी ऐसा ही महसूस करता हूं।” धर्मेंद्र ने माना था कि उन्हें लगता है कि उन्हें अपने बेटों के साथ कम सख्त होना चाहिए था। उन्होंने कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि मुझे अपने बेटों के साथ थोड़ा सहज होना चाहिए था।”
