दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है। जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें राजनीति करनी नहीं आती। इस वीडियो को पत्रकार प्रशांत कुमार ने भी ट्विटर पर शेयर किया। दिल्ली सीएम के इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- ‘हमें राजनीति करनी ही नहीं आती, यही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी है, ताकत भी।’
इस वीडियो को शेयर करते हुए प्रशांत कुमार ने यूजर्स से रिएक्शन भी मांगे। उन्होंने लिखा- इसपर रिएक्शन दीजिए, कोई देना चाहेगा?’ इस पोस्ट पर ढेरों लोगों के रिएक्शन सामने आने लगे। सीएम अरविंद केजरीवाल वीडियो में कहते सुने जा रहे हैं- ‘हमने पार्टी राजनीति करने के लिए नहीं बनाई थी। हमें राजनीति करनी ही नहीं आती है। हम नेता नहीं हैं, ये हमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी है। और हमारी सबसे बड़ी स्ट्रेंथ भी है।’
इस पोस्ट को देख संजय सचदेवा नाम के एक यूजर ने लिखा- ‘वह राजनीति को बदलने आए थे, ईमानदार राजनेता जिन्हें सुरक्षा, लाल बत्ती, बंगले, कारों की आवश्यकता नहीं थी, अब उन्हें सब कुछ चाहिए। उन्होंने भूषण, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी, कपिल मिश्रा..आदि के साथ पार्टी बनाई, फिर उन्हें उखड़ फेंक दिया गया। दिल्ली के लिए वादे – जीरो पूरे हुए।’
हमें राजनीती करनी ही नहीं आती. यही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी है, ताकत भी: @ArvindKejriwal
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— Prashant Kumar (@scribe_prashant) July 14, 2021
रोहित राठौड़ नाम के एक यूजर ने कहा- ‘शुक्रिया केजरीवाल जी ये याद दिलाने के लिए कि कैसे आसानी से बेवकूफ बनाया जा सकता है।’ देवा नाम के शख्स ने कहा- इन्हें सेल्फ एडवर्टाइजमेंट करना आता है। एक यूजर ने कहा- 10 साल पहले राजनीति सीखी अब ये कह रहे हैं। आप तो पक्के पॉलिटीशियन हैं। मुबारक हो। हेमंन कुमार ने लिखा- दिल्ली की जनता का पैसा अपने प्रमोशन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुधांशु नाम के शख्स ने लिखा- ‘सर जी आपने तो राजनीति का मुखौटा ही बदल दिया है। पहले घोटाले, भ्रष्टाचार होता था। आप कुछ नया लाए हैं, जो बहुत घातक है-फ्री बांटना। ड्रामा, काम न करना और ना करने देना। आपकी राजनीति तो देश के लिए बहुत घातक है।’
अनुज कुमार नाम के यूजर बोले- ‘एक तरह से देखा जाए तो महाशय सच कह रहे हैं, ये राजनीति नहीं करते सीधे सामने वाले पर चोरी का आरोप लगाकर सत्ता हथिया लेते हैं और सत्ता मिल जाने पर उससे माफी मांग लेते हैं। ये राजनीति थोड़े ही है! दूसरों के किए हुए कामों को खुद का बताना भला राजनीति थोड़े ही होता है!’
