बिहार चुनाव नतीजों से पहले न्यूज चैनल्स में डिबेट का माहौल बना है जिसमें राजनैतिक पार्टियों की हार जीत को लेकर बहस जारी है। ऐसे में  कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक बीजेपी पर लगातार निशाने साधती नजर आ रही हैं। आजतक की डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता तो गाना गाने लगीं और बीजेपी पर कटाक्ष करने लगीं। रागिनी नायक ने अपने ऑफीशियल अकाउंट से दो ट्वीट किए।

पहले पोस्ट को शेयर करते हुए रागिनी ने इस पर कैप्शन में लिखा- ‘मोदी जी ने अपने ‘ठगबंधन’ के साथियों के साथ जो दुर्व्यवहार किया है, उसे आज आजतक पर गा कर सुनाया ‘ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको ठगा नहीं’सुनियेगा ज़रूर।’ कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक वीडियो में गाते हुए कहती हैं- ‘ऐसा कोई सगा नहीं जिसको ठगा नहीं ऐसी मारी टंकड़ी के सोया जगा नहीं। अपने घटकदलों के साथ जो ऐसा करते हैं, देखिए शिवसेना चली गई, अकालीदल चला गया, चिराग पासवान का पता नहीं किसके साथ हैं किसके साथ नहीं। ये दो फुट चार फुट की बात कर रहे थे। मोदी जी की शैली है कि वह अपना कद बढ़ाने के लिए दूसरे के पैर काटते हैं।’

लाइव डिबेट में रागिनी का गाना सुन कर पैनल में बैठे बाकी लोग हंसने लगते हैं। रागिनी ने एक और पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने कैप्शन में लिखा- ‘बिहार के चुनाव के पहले से आखिरी चरण तक @INCIndia को न 3 में न 13 में कहने वाली अंजना जी को, मैंने एक नया आंकड़ा याद करवाया – 9-2-11। क्योंकि 10 तारीख को लालटेन पकड़े हुए कांग्रेस का हाथ बिहार की सत्ता से भाजपा-जदयू / मोदी-नीतिश को 9-2-11 करने वाला है।’

रागिनी वीडियो में कहती हैं- ‘अंजना जी आपने बड़े कटू शब्दों के साथ कार्यक्रम की मेरे साथ शुरुआत की। आप कांग्रेस को लेकर 3 और 13 के आंकड़े पर फंसी हुई थीं। चुनाव के पहले चरण से लेकर अंतिम चरण तक। अब आप उसे भूल जाइए एक और आंकड़ा याद करिए- 9-2-11 क्योंकि एनडीए का जो गठबंधन है ये ठग बंधन है। 10 तारीख को बिहार की सत्ता से 9-2-11 होने वाला है। दो दिन का इंतजार है आप भी करिए मैं भी करूंगी। अब महत्वपूर्ण बात क्या है, आप देखिए कि मतदान हो चुका है।’

कांग्रेस प्रवक्ता आगे कहती हैं- ‘हवा का रुख बदल चुका है और मान लीजिए तख्त-ओ-ताज भी पलट चुका है, चाहे आप चुनाव में ऊर्जावान प्रचार की बात करें, चाहें आप जनता के मुद्दों में जनता से जुड़े मुद्दों की बात करें, या आप गठबंधनों के बीच घटकदलों के बीच की बात करें। एनडीए महागठबंधन के सामने तीनों चरणों में बहुत बोना नजर आया है। मोदी जी को आखिर कहना पड़ा कि 15 साल के विकास पर हमारा आंकलन मत करिए। केवल ढाई साल पर करिए।”