बसपा प्रमुख मायावती (BSP Chief Mayawati) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के छठे और सातवें चरण के चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की एक सूची जारी है, जिनमें कुछ सीटों पर उम्मीदवार बदले गए हैं। महाराजगंज की नौतनवां सीट से अमनमणि त्रिपाठी को टिकट दिया गया है। वहीं, बलिया की बैरिया विधानसभा सीट से बसपा ने सुभाष यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। कुछ दिनों पहले, इस सीट पर पार्टी ने अंगद मिश्र को प्रत्याशी घोषित किया था।
बसपा द्वारा घोषित इस सूची में बलरामपुर, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया व बलिया के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। तुलसीपुर सीट से बसपा ने भुवन प्रताप सिंह को उम्मीदवार बनाया है। सिसवां से धीरेंद्र प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है। सहजनवा से सुधीर सिंह को पार्टी ने टिकट दिया है।
सुभाष यादव समाजवादी पार्टी का छोड़कर बसपा में शामिल हुए हैं। इसके पहले, 2007 के चुनाव में बसपा के टिकट पर सुभाष यादव चुनाव जीते थे। बैरिया सीट से सुभाष यादव के चुनाव मैदान में आने के बाद यहां मुकाबला दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है।
दूसरी तरफ, नौतनवां से अमनमणि त्रिपाठी को टिकट दिए जाने की सूचना के बाद ही उनका विरोध शुरू हो गया। हालांकि, गुरुवार को उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल करने के बाद त्रिपाठी ने ट्वीट कर कहा, “मेरे नामांकन में शामिल हुए सभी कार्यकर्ताओं व समर्थकों का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि आप अपना बहुमूल्य समय निकालकर मेरे नामांकन में पहुंचे और अपना असीम प्रेम, आशीर्वाद और अपार जनसमर्थन दिया।”
नौतनवा से अमनमणि त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने पर कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह बीएसपी कार्यालय के बाहर गुरुवार को धरने पर बैठ गईं। सीमा सिंह ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मायावती कानून की बात करती हैं तो दूसरी तरफ कानून हाथ में लेने वाले को टिकट देती हैं। अमनमणि बाहुबली नेता और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं और उनपर अपनी पत्नी सारा की हत्या का आरोप है।
