राजस्थान के अलवर जिले में हिंदू भगवान हनुमान को दलित कहकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। निर्वाचन आयोग को दी गई शिकायत में कांग्रेस ने आदित्यनाथ पर राजस्थान में सांप्रदायिक सद्भावना को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। कांग्रेस के राज्य महासचिव सुशील शर्मा के अनुसार, आदित्यनाथ ने मंगलवार को अलवर में हनुमान पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है।
उन्होंने कहा, “राजस्थान में अपने अभियान के दौरान योगी के भड़काऊ भाषण विभिन्न समुदायों के लोगों को विभाजित कर सकते हैं। इसलिए कांग्रेस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए निर्वाचन आयोग से संपर्क किया है।”
सुशील शर्मा ने निर्वाचन आयोग से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगे से प्रचार करने पर रोक लगाने का आग्रह भी किया है। आदित्यनाथ के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल चौधरी ने दावा किया कि हनुमान आर्य थे। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने कहा कि इस तरह से जातिगत तौर पर भगवान हनुमान का वर्गीकरण निंदाजनक है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “तो हम एक नया अभियान शुरू कर रहे हैं – हनुमानजी का अपमान, नहीं सहेगा राजस्थान।” मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि संगठन ने बुधवार को हनुमान को दलित कहने पर आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजकर उनसे माफी मांगने की मांग की थी। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले के मालाखेड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित करार दिया था। योगी ने कहा कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं।

