Loksabha Election 2019: लोकसभा चुनाव में सभी दलों के नेता ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। रैलियों और जनसभाओं का भी लगातार आयोजन हो रहा है। नेता अपने भाषणों के जरिए वोटरों को रिझाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। कई बार नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एक चुनावी रैली के दौरान ‘मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
दरअसल झारखंड के खूंटी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा के समर्थन में राहुल एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वह मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर जुबानी हमले कर कर रहे थे। जैसे ही उनका भाषण खत्म हुआ मंच पर मौजूद अन्य कांग्रेसी नेताओं ने ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाना शुरू कर दिया। लेकिन रैली की भीड़ में मौजूद कुछ आदिवासी महिलाएं मोदी जिंदाबाद के नारे लगाती नजर आईं। पत्रकार दीर्घा के ठीक पीछे बैठीं करीब आधा दर्जन महिलाओं के नारे लगाने से वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ देर के लिए भौंचक्के रह गए।
इसके बाद जब मीडियाकर्मियों ने महिलाओं से कांग्रेस की रैली में मोदी के समर्थन में नारे लगाने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि उन्होंने शौचालय, गैस कनेक्शन, मकान और बिजली दी है। इस दौरान महिलाओं ने यह भी पूछा कि क्या उनकी बातों को नोट कर लिया गया है। मालूम हो कि यह पहली बार नहीं जह राहुल गांधी की रैली में मोदी के समर्थन में नारे लगाए गए हों। इससे पहले मार्च में बैंगलोर में उनकी एक जनसभा के दौरान भी बीजेपी के समर्थन में नारे लगे थे।
वहीं बीते दिनों महाराष्ट्र में छात्रों से संवाद के दौरान भी राहुल ‘मोदी-मोदी’ के नारे से असहज नजर आए थे। दरअसल कार्यक्रम के दौरान जब मुंबई की आरजे मलिष्का ने उनसे परिवार और देश में प्यार पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी से नफरत नहीं प्यार करते हैं। इसके बाद वहां मौजूद छात्र मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे।
