चुनावी साल होने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की गृह राज्य गुजरात पर विशेष नजर है। यही वजह है कि पंद्रह दिनों के अंदर प्रधानमंत्री दूसरी बार गुजरात पहुंच रहे हैं। गांधी जी की पुण्यतिथि के मौके पर पीएम बुधवार (30 जनवरी) को नवसारी जिले के जालापोरा तहसील के दांडी गांव में राष्ट्रीय नमक सत्याग्रह स्मारक का उद्घाटन करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में गांधी जी की पौत्रवधू शिवलक्ष्मी गांधी (कनुभाई की पत्नी) को निमंत्रण नहीं मिला था। जब इस बाबत मीडिया ने स्थानीय सांसद सीआर पाटिल से सवाल किया तो वो अगले ही दिन शिवलक्ष्मी गांधी को निमंत्रण देने चले गए लेकिन 93वें साल की शिवलक्ष्मी गांधी ने उनके सामने एक सर्त रख दी। शर्त ये रखी कि उन्हें पीएम मोदी मिलने के लिए 10 मिनट का समय दें। जब सांसद ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है तो उन्होंने भी निमंत्रण ठुकरा दिया।

नवसारी पहुंचने से पहले पीएम सूरत जाएंगे जहां वो एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के विस्तार की आधारशिला रखेंगे। सूरत में पीएम एयरपोर्ट परिसर में ही नया भारत युवा सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वह नवसारी जिले के दांडी जाएंगे, जहां महात्मा गांधी ने अंग्रेजी कानून के खिलाफ साल 1930 में 12 मार्च से 6 अप्रैल के बीच 387 किलोमीटर की लंबी दांडी यात्रा कर ब्रिटिश नमक कानून तोड़ा था। 120 करोड़ की लागत से दांडी में 15 एकड़ में नमक सत्याग्रह स्मारक बनाया गया है। इसमें गांधी जी के साथ दांडी मार्च करने वाले 80 सत्याग्रहियों की भी प्रतिमाएं लगाई गई हैं।

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 17 से 19 जनवरी तक वाइब्रैंट गुजरात सम्मेलन समेत कई कार्यक्रमों के सिलसिले में तीन दिनों के दौरे पर गुजरात में थे। इस दौरान उन्होंने गांधीनगर, अहमदाबाद और हाजिरा में अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत की थी। इससे पहले दिसंबर 2018 में भी पीएम दो दिनों के दौरे पर गुजरात पहुंचे थे। प्रधानमंत्री ने 21 दिसंबर को गुजरात में राज्यों के पुलिस प्रमुखों के सालाना सम्मेलन में हिस्सा लिया था और अगले दिन 22 दिसंबर को भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की गुजरात में अत्यधिक सक्रियता मतदाताओं को रिझाने के लिए है। चूंकि 2017 के गुजरात विधान सभा चुनाव में भाजपा 99 सीटों पर सिमट गई और कांग्रेस ने पहले से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 16 सीटें ज्यादा जीतीं। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में  भी गुजरात में कांग्रेस भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकती है।