इस बार विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की राजनीतिक पिच पर भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली, सूफी गायक कैलाश खेर और चुनाव प्रबंधन के गुरु प्रशांत किशोर उर्फ पीके को लेकर भाजपा और कांग्रेस के चतुर-चालाक दिग्गज नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर बाउंसर फेकें। उन्होंने एक- दूसरे के चित करने की पूरी कोशिशें की। वहीं सूबे की चुनावी जंग में महाभारत के पात्रों का भी जमकर उपयोग हुआ। विराट, कैलाश और पीके के बहाने भाजपा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। मतदान से पहले और मतदान के बाद भी विराट, कैलाश और पीके सूबे की राजनीति में सुर्खियां बने रहे। भाजपा ने केदारनाथ आपदा की मद से वृतचित्र बनने के लिए सूफी गायक कैलाश खेर को 13 करोड़ और केदारनाथ आपदा फंड से चार धाम यात्रा की मार्केटिंग कराने के लिए क्रिकेटर विराट कोहली को 47 लाख रुपये दिए जाने को भी एक बड़ा मुद्दा बनाया।

भाजपा के मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन ने मुख्यमंत्री पर केदारनाथ आपदा के पीड़ितों के लिए बनाए गए आपदा राहत कोष का अपने प्रचार प्रसार के लिए जमकर दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। विराट कोहली और कैलाश खेर को दी गई रकम आपदा पीड़ित कोष की थी। भसीन का कहना है कि दोनों को यदि मुख्यमंत्री अपनी जेब से रकम देते तो भाजपा को कोई आपत्ति नहीं होती। रावत ने जनता का पैसा अपने राजनीतिक हितों के लिए पानी की बहाया, लिहाजा भाजपा मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकती। उत्तराखंड सरकार के पयर्टन विभाग का ब्रांड अंबेसडर बनाने में 47 लाख रुपए खर्च किए।

चुनावी प्रबंधन गुरु प्रशांत किशोर उर्फ पीके को लेकर जहां भाजपा ने मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश की, वहीं कुछ कांग्रेसी नेताओं ने भी पीके को लेकर रावत पर निशाना साधा। पीके की चुनाव प्रचार की रणनीति प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के समर्थकों के गले नहीं उतरी। कांग्रेस की समीक्षा बैठक में भी उपाध्याय समर्थकों ने पीके पर जमकर गुस्सा उतारा। उनका कहना था कि पीके ने पूरा चुनाव मुख्यमंत्री पर फोकस किया और उपाध्याय को ठिकाने लगाए रखा। पीके की टीम ने उपाध्याय के समर्थक उम्मीदवारों के पास चुनाव सामग्री भी समय पर नहीं पहुंचाई और जो पहुंचाई वह भी बहुत कम थी। इस तरह टीम पीके के बहाने उपाध्याय समर्थकों ने मख्यमुंत्री रावत को घेरने की कोशिश की।

इस बार उत्तराखंड के चुनावी महाभारत में कौरवों और पांडवों के माध्यम से भी कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर निशाने साधें रावत ने तो साफ कहा कि यह चुनाव सौ कौरवों बनाम हरीश रावत हुआ है। रावत ने कहा कि विराट कोहली जैसा महान क्रिकेटर, जो जिस काम के एक करोड़ रुपये लेते हैं उन्होंने हमसे चारधाम यात्रा के प्रचार प्रसार के लिए मात्र 47 लाख रुपए लिए। दूसरी ओर भाजपा ने चुनाव में पानी की तरह पैसा बहाय। मोदी मालामाल, बाकी सब कंगाल नारा देते हुए रावत ने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। इस तरह उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार जन समस्याओं से जुड़े मुख्य मुद्दे गायब रहे और चुनावी जंग कौरवों – पांडवों, विराट-कैलाश इर्द- गिर्द ही घूमती रही।