Election Results 2019: लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर हमलावर हैं। राहुल हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की जिद्द पर अड़े हुए हैं। इस बीच पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें मनाने की भी कोशिश की गई है। सुबह से ही उनके आवास पर हलचल तेज हैं। अपने फैसले को न बदलने की जिद्द पर अड़े राहुल गांधी ने शाम 4 बजे अपने आवास पर बड़े नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में राजस्थान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चर्चा होगी।
बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट राहुल गांधी के आवास पर पहुंच चुके हैं। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने राहुल से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बता दें कि राहुल गांधी ने शनिवार (25 मई 2019) को कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी। इस बैठक को लेकर नेताओं को मीडिया से बात न करने की हिदायत दी गई है। कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने पार्टी नेताओं को एक एडवाइजरी जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि वह मीडिया से बातचीत न करें।
गहलोत पर गिर सकती है गाज
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोग गहलोत पर पार्टी नेतृत्व कोई बड़ा फैसला ले सकता है। राजस्थान में कांग्रेस ने एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं की है। सचिन पायलट इन परिस्थितियों को एक मौके की तरह देख रहे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर पायलट को नियुक्त कर सकते हैं। राजस्थान में बीजेपी सत्ता पर काबिज होने की ताक पर बैठी है।
बीजेपी नेता का दावा कांग्रेस के कई विधायक संपर्क में
इस बीच राजस्थान बीजेपी नेता भवानी सिंह रजावत ने कहा है कि यह अटकलें सही हैं कि कांग्रेस के काफी सारे नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नाराजगी है। कांग्रेस के कई मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। बसपा हमें समर्थन देने के लिए आतुर है। जिस तरह के हालात राजस्थान में हैं उससे लगता है कि हमें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि कांग्रेस खुद ही अल्पमत में आ सकती है और बीजेपी सरकार बना सकती है। और यह हालात कांग्रेस ही खड़ी कर रही है न कि बीजेपी। राजस्थान में सरकार गिरने की पूरी संभावनाएं हैं। कांग्रेस पार्टी के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और मुझे लगता है आने वाले दिनों में विद्रोह हो सकता है और बीजेपी सरकार बना सकती है।
चार दिनों के भीतर सुझाए उत्तराधिकारी का नाम
राहुल ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह चार दिनों के भीतर उनके उत्तराधिकारी का नाम सुझाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी का नाम पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए न सुझाया जाए। बता दें कि कांग्रेस के ज्यादातर अध्यक्ष गांधी परिवार से ही रहे हैं। बता दें कि 23 मई को आए चुनाव परिणाम में कांग्रेस को महज 52 सीटों पर ही जीत हासिल हुई है राहुल गांधी इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं और शीर्ष नेताओं पर लगातार हमलावर हैं।

