छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मंगलवार (9 अप्रैल) को हुए नक्सली हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। दंतेवाड़ा के कई इलाकों में नक्सली मूवमेंट की खबर काफी दिनों से थी ऐसे में कल के हमले को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो विधायक मंडावी की सुरक्षा के लिए उन्हें डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) की दो टीमें दी गई थीं। लेकिन हमले से कुछ देर पहले ही उन्होंने ये कहते हुए डीआरजी को लौटा दिया था कि अब कहीं दौरे पर नहीं जाएंगे क्योंकि चुनाव प्रचार का समय खत्म होने वाला है। इसके बाद भी वे बाहर निकल गए और नक्सली हमले का शिकार हो गए।
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पहले ही जताई गई थी अनहोनी की आशंका: मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो नक्सली हमले का शिकार भीमा मंडावी हमले वाली जगह दंतेवाड़ा के किरंदुल से पहले बीजेपी कार्यालय पहुंचे थे। जहां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भगवान की मूर्ति स्थापना की लेकिन इस दौरान पूजा का कलश गिर गया जिसे खुद मंडावी ने ही ठीक किया। इस बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। लेकिन मंडावी ने इसे अनसुना करते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी का प्रचार करने की बात कही। बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्हें दंतेवाड़ा आना था लेकिन अचानक उन्होंने श्यामगिरी जाने का कार्यक्रम बना लिया था।
बगैर बताए दौरे पर निकले थे: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोपहर करीब 12.30 विधायक मंडावी ने डीआरजी जवानों से कहा था कि वे अब प्रचार के लिए कहीं भी दौरे पर नहीं जाएंगे लेकिन घंटे भर बाद ही किरंदुल के लिए निकल गए। इस दौरान उनके काफिले में तीन-चार गाड़ियां और भी थीं। बचेली पहुंचने पर मंडावी के साथ चल रही फाॅलो कार ने स्थानीय टीआई आदित्य सिंह और अफसरों को विधायक के दौरे की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि इस दौरान टीआई ने आगे नहीं जाने की सलाह देते हुए कहा कि अभी इलाके की सर्च नहीं हुई है इस पर विधायक ने रिस्क पर आगे जाने की बात कहते हुए निकल गए। इस दौरान उनकी फाॅलो गाड़ी के भी पीछे छूटने की बात कही जा रही है। इसके बाद देर शाम तक उनकी कोई खबर नहीं मिली।
कल हुआ था हमला: बता दें कि कल मंगलवार को लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में भीमा समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। बता दें कि विधायक के काफिले में शामिल एक गाड़ी को नक्सलियों ने ब्लास्ट कर उड़ा दिया और फिर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। बता दें कि दंतेवाड़ा में 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग होना है।

