भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपने हिंदुत्व की मुहिम को तेज कर दिया है। पार्टी का चुनावी अभियान कुछ ऐसे नेताओं के हाथ है जिन्हें हार्डलाइनर माना जाता रहा है, ऐसे ही नेताओं को पार्टी ने टिकट भी दिया है।  इन नेताओं में कवर्धा सांप्रदायिक हिंसा का एक मुख्य आरोपी, दंगे के पीड़ित के पिता और एक पूर्व मंत्री जो धर्मांतरण के खिलाफ पार्टी के अभियान का चेहरा हैं शामिल हैं। इस लिस्ट में दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव के परिवार के दो सदस्य शामिल हैं,जो आरएसएस और वीएचपी से जुड़े नेता थे। 

क्या बोले सीएम भूपेश बघेल?

बीजेपी की इस लिस्ट की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वे लाख कोशिश कर लें लेकिन सांप्रदायिक कार्ड कोई मुद्दा नहीं बन सकता। छत्तीसगढ़ में जहां 90 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी हिंदू है, जहां मुस्लिम और ईसाई लगभग 2% के बराबर हैं, भाजपा उम्मीद कर सकती है कि हिंदुत्व का मुद्दा उसे कुल 90 सीटों में से 51 पर मदद करेगा। पार्टी द्वारा पहले ही घोषित 85 उम्मीदवारों में से कोई भी मुस्लिम नहीं है। साथ ही धर्मांतरण विरोधी पिच के साथ भाजपा उम्मीद कर सकती है कि ध्रुवीकरण से उसे बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में मदद मिल सकती है। 

भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड

 छत्तीसगढ़ में हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ते हुए भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी और सांसद अरुण साव ने कांग्रेस की राज्य सरकार को “भूपेश, अकबर और ढेबर की सरकार” बताया। यह तंज रायपुर के मेयर ऐजाज़ ढेबर की ओर था जिनके भाई अनवर को 2,000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का आरोपी माना जाता है और मंत्री मोहम्मद अकबर जिन्हें भाजपा कवर्धा घटना के लिए दोषी ठहराती रहे। 

गौरतलब है कि भाजपा ने कवर्धा घटना के मुख्य आरोपियों में से एक विजय शर्मा को मंत्री मोहम्मद अकबर के खिलाफ मैदान में उतारा है, जो चार बार के विधायक हैं। कवर्धा के पूर्व जिला प्रभारी और भाजपा के राज्य महासचिव विजय शर्मा पर 81 अन्य लोगों के साथ सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और दंगा करने के लिए आरोप पत्र दायर किया गया था और उन्हें दो महीने जेल में बिताने पड़े थे।

इसी तरह इस साल अगस्त में बेमेतरा जिले में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मारे गए भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को सात बार के विधायक और मंत्री रवींद्र चौबे के खिलाफ बेमेतरा के साजा से टिकट दिया गया है। हिंसा में साहू की मौत के बाद बीजेपी ने बेमेतरा में रैली निकाली थी और छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया था, इस दौरान एक मुस्लिम पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। ईश्वर एक किसान हैं जिनकी इससे पहले कोई राजनीतिक आकांक्षा नहीं थी। उन्होंने टिकट मिलने पर मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं भाजपा का आभारी हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।”