त्रिपुरा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने नया कदम उठाते हुए विभिन्न श्रेणियों में 1,733 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोमवार को एक सरकारी कार्यक्रम में यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार निरंतर युवाओं को रोजगार देने पर काम कर रही है।
Tripura teachers recruitment 2025: 2018 से अब तक 6,998 शिक्षक नियुक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद अब तक 6,998 शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुधारने और शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करने में बड़ा सहयोग मिला है।
Tripura teachers recruitment 2025: 20,181 बेरोजगार युवाओं को मिला सरकारी रोजगार
सरकार पर कम रोजगार देने के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, 2018 से अब तक 20,181 युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी दी गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 5,000 लोगों को संविदा आधार पर नियुक्त किया गया है, जो सरकारी कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। सीएम साहा ने कहा कि यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सरकार राज्य में रोजगार सृजन को लेकर गंभीर है।
Tripura teachers recruitment 2025: भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लागू की है, जो पूर्ववर्ती सरकारों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, “सरकार में आने के बाद सिफारिश से नौकरी पाने का चलन समाप्त हुआ है। अब किसी भी सरकारी नियुक्ति में पारदर्शिता और खुला अवसर सुनिश्चित किया गया है।”
Tripura teachers recruitment 2025: स्वास्थ्य विभाग में भी आएगा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी ट्रांसफर और पोस्टिंग में नई पारदर्शी नीति लागू की जा रही है। उन्होंने कहा, एमबीबीएस डॉक्टरों को MD या MS करने से पहले कम से कम 3 वर्ष ग्रामीण अस्पतालों में सेवा देनी होगी। सरकार पोस्ट-ग्रेजुएशन के इच्छुक डॉक्टरों के लिए मार्किंग सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं मजबूत हो सकें।
Tripura teachers recruitment 2025: शिक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की तैयारी
राज्य सरकार स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, आधुनिक शिक्षण उपकरणों की खरीद और STEM शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी योजनाओं पर भी काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में त्रिपुरा को पूर्वोत्तर राज्यों में शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
