उत्तेजक, दाहक या इंफ्लेमेटरी खाने हमारी हड्डियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इस बार बात करते हैं एंटी इंफ्लेमेटरी खाने की। एंटी इंफ्लेमेटरी खाने का मतलब यहां वह नहीं है जो आमतौर पर लोग समझते हैं और न ही इसका संबंध वजन घटाने के कार्यक्रम से है। असल में यह वह प्रक्रिया है जिसमें हम खाने को वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर तैयार करते हैं, ताकि उसका सेहत को भरपूर लाभ मिल सके। इंसानी शरीर में इंफ्लेमेशन का संबंध बीमारियों से लड़ने और इसे नुकसान से बचाने से होता है। एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट का मतलब होता है-अधिक फल, सब्जियां, मछली और साबुत अनाज जो आपकी हड्डियों को मजबूती देते हैं और इन्हें टूट-फूट से बचाने में सहायता करते हैं। प्रभावी इंफ्लेमेशन में अगर प्राकृतिक इंफ्लेमेटरी भोज्य पदार्थ लिए जाएं तो जल्दी ऊर्जा मिलती है, भरपूर विटामिन, खनिज, जरूरी फैटी एसिड, डाइटरी फाइबर और सुरक्षात्मक फाइटोन्युट्रिएंट्स मिलता है। भरपूर सब्जियों, फल, मछली और साबुत अनाज वाले आहार में एंटी इंफ्लेमेटरी तत्त्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो कि महिलाओं की हड्डियों पर काफी अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं।
लक्ष्य बहुत आसान है
ऐसी चीजों को अपने भोजन में शामिल करने से बचें जो इंफ्लेमेशन को बढ़ावा देते हैं और टूट-फूट को ठीक करने वाली चीजों की मात्रा बढ़ा दें। एआइ डाइट में सब्जियां, फैटी फिश और ऑलिव ऑयल बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं।
क्या न खाएं
नाइट शेड वेजिटेबल (टमाटर, बैंगन, बेल पेपर), नट्स, बीज। स्टार्ची फूड और हाई कार्बोहाइड्रेट्स वाली चीजों से परहेज करें।
क्या खा सकते हैं?
एक स्वस्थ शरीर में आमतौर पर होने वाली सामान्य समस्याओं से मुकाबला करने की प्राकृतिक क्षमता होती है। लेकिन नियमित रूप से शुगर और सैचुरेटेड फैट जैसी चीजें इस्तेमाल करने से गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं। यह कोशिश करें कि खाने की थाली में एक तिहाई हिस्सा बिना स्टार्च वाली सब्जियों का हो। सभी तरह की हरी सब्जियां जैसे मशरूम, स्क्वैश, बीट और पत्तागोभी खाएं। मैदा और इससे बनी चीजों से बचें। किनोवा, ब्राउन राइस और होल व्हीट क्रैकर्स, ब्रेड या टॉटिर्ला की जगह मोटा पिसा हुआ गेहूं का आटा इस्तेमाल करें।
वसा चुनने में हों सावधान
नए अध्ययन बताते हैं कि अच्छा आहार लेने से महिलाओं की हड्डियों के घनत्व पर असर पड़ता है। इसके लिए ध्यान रखना होता है कि आपकी थाली में पौष्टिक चीजें अधिक हों। पचास की उम्र में पहुंचते ही महिलाएं ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से जूझती हैं। रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों के घनत्व को बनाए रखना महिलाओं के लिए और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि इसके बाद फ्रैक्चर का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है।
इनसे बचें
रिफाइंड अनाज, चीनी, ओमेगा 3 हेवी कुकिंग ऑयल, डेयरी उत्पाद, अल्कोहल, सफेद पास्ता।
महिलाओं की आहार तालिका
सुबह तड़के : जीरा (2 ग्राम) के साथ 2 गिलास पानी
नाश्ता: सेब, नींबू के रस, चिया सीड और पानी से बनी स्मूदी। मशरूम और बेल पेपर के साथ बेस का चीला।
स्मूदी- दही- आधा गिलास पानी,- आधा गिलास पानी, आधा सेब , नींबू 1, चिया सीड्स-10 ग्राम
बेसन चीला- बेसन आधी कटोरी, मशरूम- 15 ग्राम,
बेल पेपर-40 ग्राम
सुबह के मध्य : एक मुट्ठी अखरोट या रास बेरी (20 ग्राम)
दोपहर का भोजन : अपनी पसंदीदा सब्जी से बनी 1 बड़ी कटोरी सलाद (पर्पल कैबेज, बेल पेपर, लेट्यूस, अवोकैडो) तीसी के बीजों की ड्रेसिंग के साथ (10 ग्राम) और ऑलिव ऑयल (1 चम्मच/रोस्टेड फिश-80 ग्राम)
शाम को: सब्जियों का जूस-1 गिलास, वेजिटेबल स्टिक्स-4 हम्मस (15 ग्राम) के साथ
रात का खाना : सफेद चने, लेट्यूस और टमाटर का सलाद एक कटोरी, पालक (30 ग्राम) के साथ 2 उबले अंडे।

