आस्टेलिया की राजधानी सिडनी में रविवार को भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत ने आस्ट्रेलियाई ओपन खिताब में ओलंपिक और विश्व चैंपियन चीनी खिलाड़ी चेन लोंग को हरा कर चौथा सुपर सीरीज खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही चौबीस साल के इस खिलाड़ी ने एक नया इतिहास रचा है। यह जीत कई तरह से भारत के लिए काफी महत्त्वपूर्ण है। श्रीकांत जहां दुनिया में ग्यारहवें नंबर के खिलाड़ी माने जाते हैं, वहीं चेन लोंग छठे नंबर के। लोंग बैडमिंटन का आॅल इंग्लैंड चैंपियन का खिताब भी पिछले दिनों जीत चुके हैं। इसलिए जब श्रीकांत ने लोंग को पैंतालीस मिनट के खेल में 22-20 और 21-16 से शिकस्त दी तो खेल विशेषज्ञ और दर्शक चकित थे। किदांबी श्रीकांत अब दुनिया के पांचवें नंबर के खिलाड़ी बन गए हैं।
इससे पहले दोनों के बीच पांच मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें श्रीकांत नाकाम रहे थे। मगर इस बार श्रीकांत ने यह ‘चीनी दीवार’ लांघ दी। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते उन्होंने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज प्रीमियर में भी खिताब जीता था। श्रीकांत ने अपनी जीत पर संतुलित और विनम्र प्रतिक्रिया दी है, जो सचमुच किसी श्रेष्ठ खिलाड़ी का लक्षण है। उन्होंने कहा, ‘मैं शारीरिक रूप से अच्छी हालत में नहीं था। फिर भी, मैं जीत या हार के बारे में नहीं सोच रहा था। मैं सिर्फ मैच का लुत्फ उठाना चाहता था। लेकिन चेन लोंग से जीतना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है।’ दरअसल, इस भिड़ंत में श्रीकांत ने अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले ज्यादा समझ-बूझ से काम लिया। जैसा कि श्रीकांत ने कहा भी कि उनके कोच ने उन्हें धीरज के साथ और आहिस्ता-आहिस्ता आगे बढ़ने की सलाह दी थी, क्योंकि चीनी खिलाड़ी चेन लोंग आक्रामक थे। उन्होंने कई सटीक बेसलाइन स्ट्रोक भी जमाए, लेकिन श्रीकांत ने भी बेहतरीन स्मैश जमाए। श्रीकांत ने शुरू में ही 17-15 की बढ़त ले ली थी। लोंग के अस्थिर खेल ने श्रीकांत को सहारा दिया।
सधी हुई लय ने श्रीकांत को आखिरकार विजयमाला पहना ही दी। इस जीत ने भारत के पुरुष बैडमिंटन को नया आयाम दिया है। यह इशारा है कि प्रकाश पादुकोण और विमल कुमार के बाद एक बार फिर बैडमिंटन में भारतीय पुरुषों का दबदबा बढ़ रहा है। श्रीकांत का लगातार तीन सुपर सीरीज में जीत का मतलब है कि पुरुष खिलाड़ी भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल के दिनों में बैडमिंटन में महिला खिलाड़ियों का पलड़ा भारी रहा है। लंदन ओलंपिक में साइना नेहवाल ने विश्वमंच पर अपना झंडा गाड़ दिया था। रियो ओलंपिक में पीवी सिंधू ने रजत पदक जीत कर बताया था कि भारतीय महिला बैडमिंटन का भविष्य उज्ज्वल है। अब हैदराबाद के एक किसान के बेटे श्रीकांत ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लगातार दो सुपर सीरीज जीतने वाले वे पहले भारतीय पुरुष शटलर हैं। मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने कहा है, ‘तुम पर गर्व है चैंपियन।’ भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) ने श्रीकांत को इस जीत के लिए पांच लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। बाई अध्यक्ष ने कहा है कि श्रीकांत की उपलब्धि गर्व करने योग्य है। यह अफसोस की बात है कि कई खेलों में नई-नई भारतीय प्रतिभाएं अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही हैं, पर देश का सारा ध्यान क्रिकेट तक सीमित होकर रह जाता है।

