Uttar Pradesh, Sudiksha Bhati Dead Case: स्कॉलर छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के बाद तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के इस मामले के सभी दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्तर से दूर हैं। सुदीक्षा के परिजन लगातार यह बात कह रहे हैं कि जब वो अपने चाचा के साथ मोटरसाइकिल से जा रही तब 2 बुलेट सवार लड़कों ने रास्ते में उनसे छेड़खानी की थी। इसी दौरान बाइक चला रहे सुदीक्षा के चाचा का संतुलन बिगड़ गया था और वो जमीन पर गिर गये थे। इस हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में पुलिस की थ्योरी अलग है और जो केस दर्ज किया गया है उसमें छेड़खानी से संबंधित धारा का भी जिक्र नहीं है।

बुलंदशहर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा है कि ‘ऐसी अफवाह है कि लड़की अपने चाचा के साथ बाइक से जा रही थी तब उसके साथ छेड़खानी हुई और इस दौरान हादसा हुआ। हालांकि स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि लड़की अपने छोटे भाई के साथ थी और नाबालिग लड़का ही मोटरसाइकिल चला रहा था। ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से एक बाइक उनकी गाड़ी के आगे आकर रुका था और सुदीक्षा के नाबालिग भाई ने अपना संतुलन खो दिया और उसने दूसरी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस दौरान लड़की सड़क पर गिर गई उसे बाद में अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।’

हालांकि 3.80 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप पर अमेरिका में पढ़ाई कर रही होनहार सुदीक्षा के चाचा ने इस घटना के बारे में इससे पहले ही बताया था कि ‘एक बुलेट पर सवार 2 लड़कों ने कई बार हमें ओवरटेक किया। मैंने अपनी बाइक धीमी कर दी। इसके बाद बुलेट चला रहा शख्स तेजी से आगे गया और फिर उसने अपनी गाड़ी अचानक रोक दी। इस दौरान मैंने अपना संतुलन खो दिया और बाइक हादसे का शिकार हो गई। इसी दौरान मेरी भतीजी को चोट लगी।’

यहां आपको बता दें कि इस मामले में पुलिस ने बुलेट सवार दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने IPC की धारा 279, 304 A और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177, 184, 192 के तहत केस दर्ज किया है। आईपीसी की धारा 304A यानी लापरवाही से हुई मौत, इसमें अधिकतम 2 साल की सजा है।

धारा 279 का मतलब है सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना, जिससे किसी जान खतरे में आ जाए। इस धारा के तहत महज 6 महीने की सजा का प्रावधान है। छेड़छाड़ से संबंधित कोई धारा पुलिस ने दर्ज नहीं की है।

वहीं इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए यूपी के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी को पत्र लिखकर है। महिला आयोग ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराए जाने की मांग की है ताकि मामले की सच्चाई उजागर हो सके।