कानपुर में लैब तकनीशियन संजीत यादव के अपहरण औऱ मर्डर केस में पुलिस की काफी किरकिरी हुई है। अब कानपुर देहात जिले से एक और अपहऱण की खबर ने यहां भी पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने इस मामले में भी फिरौती की मांग की है। करीब 20 लाख रुपए फिरौती की डिमांड अपहरणकर्ताओं ने की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां भोगनीपुर के चौड़ा गांव के रहने वाले ब्रजेशपाल का अपहरण कर लिया गया है। इस मामले में ब्रजेशपाल के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी है लेकिन पिछले 10 दिनों से पुलिस के हाथ खाली हैं। बताया जा रहा है कि ब्रजेशपाल नेशनल धर्मकांटा में काम करते थे। बताया जा रहा है कि ब्रजेशपाल रात के वक्त धर्मकांट के अंदर ही सो रहे थे और अगली सुबह वो वहां से गायब हो गए। वहां सो रहे अन्य लोगों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि ब्रजेशपाल कहां गए?

आशंका जताई जा रही है कि ब्रजेशपाल के अपहरण में उसके किसी परिचित का हाथ हो सकता है। कहा जा रहा है कि 16 जुलाई को ब्रजेश का अपहरण किया गया है और 17 जुलाई को उनके परिजनों से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई है।

इस मामले में पुलिस अभी तक सिर्फ जांच-पड़ताल ही कर पाई है और अभी तक पुलिस को कोई भी सुराग हाथ नहीं लग पाया है। इस मामले में भोगनीपुर के कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि परिवार की तरफ से तहरीर मिलने के बाद से ब्रजेशपाल की तलाश जारी है।

आपको बता दें कि हाल ही में कानपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई थी। दरअसल यहां एक लैब तकनीशियन संजीत कुमार कि किडनैपिंग करीब एक महीने पहले हो गई थी। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही थी लेकिन अचानक संजीत की हत्या की खबर सामने आने के बाद उनके परिजनों का गुस्सा फूंट पड़ा था।

परिजनों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस के कहने पर उन्होंने किडनैपर्स को 30 लाख रुपए की फिरौती भी दी थी। लेकिन पुलिस किडनैपर्स को पकड़ नहीं पाई थी। संजीत यादव के अपहरणकर्ताओं को तो पुलिस ने पकड़ लिया है लेकिन उनकी लाश अभी तक नहीं मिल पाई है। किडनैपर्स ने पुलिस को बताया था कि अपहरण के चौथे दिन ही संजीत की हत्या कर उनके शव को नदी में फेंक दिया गया था। हालांकि संजीत की लाश अभी तक नहीं मिली है।