Coronavirus, (COVID-19): उत्तर प्रदेश में हुई एक हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसे कोविड-19 से हुई मौत समझकर डेड बॉडी का अंतिम संस्कार करा दिया। मामला फरीदाबाद के एक अस्पताल का है। अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
सोनू खान की हुई थी हत्या: ‘News 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक बीते शुक्रवार को यहां सोनू खान नाम एक य़ुवक की हत्या हो गई थी। मर्डर के बाद शव को यहां के सिविल अस्पताल के शवगृह में पोस्टरमार्टम के लिए रखा गया था। शनिवार की सुबह जब मृतक के परिजन पोस्टरमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने यहां पहुंचे तो मोर्चरी से सोनू खान का शव गायब था।
कोरोना से मौत समझ करा दिया अंतिम संस्कार: मोर्चरी में काफी तलाशने के बाद भी सोनू खान का शव नहीं मिलने पर उनके परिजन अवाक रह गए। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत अस्पताल के चिकित्सकों से की। हालांकि मोर्चरी से शव गायब होने की बात पता चलने के बाद चिकित्सक अस्पताल से गायब हो गए।
जिसके बाद मृतक के परिजनों का कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते हत्या के मामले में पोस्टमार्टम के लिए आए शव को किसी दूसरे व्यक्ति का शव समझकर नगर निगम के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने कोरोना पॉजिटिव समझ कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
पुलिस, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल: सोनू खान की डेड बॉडी अस्पताल से गायब होने की खबर सामने आने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने सही समय पर पोस्टमार्टम कराया होता तो शायद डेड बॉडी के साथ ऐसा नहीं होता। उनका यह भी कहना है कि नगर निगम को शव सौंपे जाने से पहले अस्पताल प्रबंधन ने भी जरुरी छानबीन करने की जहमत नहीं उठाई।
मामले में जांच शुरू: इस मामले में यहां के ACP जयबीर राठी का बयान भी सामने आया है। एसीपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि इसकी जांच कराई जा रही है और लापरवाही सामने आने के बाद जरुरी कार्रवाई भी की जाएगी।
