कोरोना (COVID-19) का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है। केंद्र तथा सभी राज्यों की सरकारें लोगों से इस महामारी से बचने की अपील लगातार कर रही है। इन सब के बीच उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कोविड-19 को लेकर बनाए गए नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा दी गईं। यहां सरकार ने स्कूलों को खोलने का आदेश नहीं दिया है, इसके बावजूद जलौन ज़िले के माधौगढ़ तहसील के मिझौना गांव के गायत्री बाल विद्या मंदिर में छात्रों को कक्षाएं लेने के लिए बुलाया गया। इस दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ही ख्याल रखा गया, न ही बच्चों ने मास्क लगाए थे।

स्कूल में छात्रों की जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें नजर आ रहा है कि स्कूल के अंदर छात्रों के बीच किसी भी तरह की सोशल डिस्टेन्सिंग का ख्याल नहीं रखा गया है। किसी भी छात्र या छात्रा के चेहरे पर मास्क तक नहीं है। छात्र अपनी सीट पर बिल्कुल पास-पास बैठे हुए हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद यहां हंगामा मच गया है। यहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रेमचंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मैं तत्काल इसकी रिपोर्ट लेता हूं और स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी’

बता दें कि इससे पहले देशभर में स्कूल खोलने को लेकर HRD संसदीय स्थायी समिति की बैठक कुछ दिनों पहले हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष स्कूल, कॉलेजों में शून्य वर्ष नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि अंतिम वर्ष की परीक्षाएं वर्ष के अंत में आयोजित की जाएंगी। कुछ राज्यों में सक्रिय कोरोना वायरस मामलों की संख्या में गिरावट के बाद सरकार कथित तौर पर 1 सितंबर से 14 नवंबर तक चरण-वार तरीके से सामान्य कक्षाओं को फिर से शुरू करने की योजना तैयार की गई है।

इधर उत्तर प्रदेश में कोरोना का आंकड़े अब डराने लगे हैं। मंगलवार को 24 घंटे के अंदर राज्य में कोरोना से 77 मरीजों की मौत हुई। बताया जा रहा है कि राज्य में एक दिन के अंदर हुई कोरोना की मौतों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं यूपी में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 2,585 पहुंच गया है। सबसे ज्यादा कानपुर में 14 मरीजों की मौत हुई। वहीं दूसरे नंबर पर लखनऊ है जहां 12 मरीजों ने कोरोना से दम तोड़ा।

राज्य में अब तक 1,09, 607 कोरोना के मरीज ठीक हो चुके हैं। मंगलवार को 4,799 मरीज कोरोना से पूरी तरह ठीक हुए। नए मरीजों को मिलाकर यूपी का रिकवरी रेट 67.5 हो गया है।