महाराष्ट्र कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी मीरा बोरवंकर की गिनती जाबांज पुलिस अधिकारियों की लिस्ट में होती है। ‘लेडी सुपर कॉप’ के नाम से मशहूर मीरा बोरवंकर के बारे में बताया जाता है कि उन्होंने महाराष्ट्र के कई इलाकों में माफियाराज को खत्म करने की दिशा में बेहतरीन काम किया। मीरा मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन और डी कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम से लेकर छोटा राजन गैंग के कई सदस्यों को सलाखों के पीछे धकेल चुकी हैं। कहा जाता है कि मीरा बोरवंकर के प्रयासों से डी कंपनी के गलत कामों पर काफी लगाम लग गया।
हालांकि, उनका नाम साल 1994 में उस वक्त सुर्खियों में आया जब उनकी अगुवाई में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। उस वक्त यह खुलासा हुआ था कि स्कूल की लड़कियों से लेकर कॉलेज की लड़कियों तक को देह व्यापार के धंधे के लिए मजबूर किया जा रहा है। साल 1993 में हुए मुंबई बम धमाके के दोषी आंतकी याकूब मेमन की फांसी के समय मीरा बोरवंकर महाराष्ट्र की एडीजीपी (जेल) थीं। वह उन पांच अधिकारियों में शामिल थीं, जो मेमन की फांसी के समय जेल परिसर में मौजूद थे। इतना ही नहीं मीरा अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम से लेकर कई वांटेड अपराधियों के भारत प्रत्यर्पण में अहम रोल निभा चुकी हैं।
कसाब के मामले का जिक्र करते हुए एक इंटरव्यू में मीरा बोरवंकर ने बताया था कि तब इस बात का पूरा ख्याल रखा गया था कि मीडिया तक फांसी की जानकारी किसी तरह न पहुंच जाए। मीडिया की नजरों से बचने के लिए वह अपने गनर की बाइक पर बैठकर मुंह और यूनिफॉर्म को छिपाकर यरवदा जेल पहुंची थीं।
पंजाब के फाजिलका जिले में जन्मीं मीरा के पिता ओ.पी चड्ढा बीएसएफ में थे। बताया जाता है कि मीरा ने मैट्रिक तक की पढ़ाई फाजिलका से की और फिर आगे की पढ़ाई उन्होंने जालंधऱ से की। यह भी कहा जाता है कि मीरा बोरवंकर आईपीएस किरण बेदी से प्रेरणा लेकर सिविल सर्विसेज से जुड़ी थीं। साल 2014 में बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी’ मीरा बोरवंकर से प्रेरित बताई जाती है। मीरा बोरवंकर के पति अभय बोरवंकर भी एक आईएएस अधिकारी रहे हैं।
