अगर लगनशीलता के साथ कड़ी मेहनत की जाए तो कोई भी काम करना असंभव नहीं है। यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लेकिन आज हम एक ऐसी शख्सियत के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए अपनी जिंदगी में कड़ा संघर्ष किया। साल 2018 में प्रदीप सिंह ने आईएएस की परीक्षा पास की थी। प्रदीप सिंह के पिता एक पेट्रोल पंप कर्मचारी थे। जाहिर है गरीब पिता के सामने अपने बेटे को बेहतर शिक्षा देना एक चुनौती भरा काम रहा होगा। प्रदीप के पिता मनोज सिंह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं।
साल 1996 में जन्में प्रदीप ने इंदौर के एक सीबीएसई स्कूल से पढा़ई की थी। उन्होंने बी.कॉम में अपना ग्रेजुएशन IIPS DAVV से पूरा किया। काफी कम उम्र में ही प्रदीप ने यह तय कर लिया था कि वो सिविल सेवा में जाएंगे। ‘The Better India’ के साथ एक साक्षात्कार में प्रदीप सिंह ने कहा था कि ‘जब मैं बड़ा हो रहा था तब मैं यह नहीं जानता था कि यूपीएससी क्या है और आईएएस अफसर क्या होता है? लेकिन उनके माता-पिता अक्सर उन्हें अफसरों की प्रेरणादायक कहानियां सुनाया करते थे।
प्रदीप सिंह को यूपीएससी की तैयारी करनी थी और इसके लिए उन्हें दिल्ली जाना था। पैसों की समस्या को देखते हुए उनके पिता ने उस वक्त अपना घर बेच दिया और किराये के मकान में रहने लगे। प्रदीप सिंह अपने पिता के इस त्याग को कभी भूल नहीं सके और उन्होंने अपना फोकस सिविल सर्विस परीक्षा पर रखा। कठिन मेहनत के दम पर आखिरकार उन्होंने साल 2018 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली।
प्रदीप सिंह शुरू से ही अपने लक्ष्य को लेकर फोकस रहते थे। साल 2019 में उन्होंने दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी थी और इस बार उन्होंने 26वां रैंक हासिल कर पिता का सिर और ऊंचा कर दिया।

